Chapter 1 : Naya Rasta - Sushma Agarwal Solutions for Class 10 Hindi ICSE

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Chapter 1 - Naya Rasta Excercise प्रश्न-अभ्यास

Question 1

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :

दूसरे दिन प्रात: होते ही दयाराम जी के घर में मेहमानों के स्वागत के लिए विभिन्न प्रकार की तैयारियाँ प्रारंभ हो गई थीं। घर की सारी चीजें झाड़-पोंछकर यथा-स्थान लगा दी गई थीं। एक मध्यम श्रेणी की हैसियत के अनुसार बैठक को विशेष रूप से सुसज्जित किया गया। 

प्रस्तुत पंक्तियों में कौन किसके घर आ रहा है?

Solution 1

प्रस्तुत पंक्तियों में दयाराम जी के घर उनकी बेटी मीनू को देखने मेरठ से मायाराम जी का परिवार आ रहा है।

Question 2

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

दूसरे दिन प्रात: होते ही दयाराम जी के घर में मेहमानों के स्वागत के लिए विभिन्न प्रकार की तैयारियाँ प्रारंभ हो गई थीं। घर की सारी चीजें झाड़-पोंछकर यथा-स्थान लगा दी गई थीं। एक मध्यम श्रेणी की हैसियत के अनुसार बैठक को विशेष रूप से सुसज्जित किया गया। 

आनेवाले मेहमान को विशेष महत्त्व क्यों दिया जा रहा है? 

Solution 2

दयाराम जी की बेटी मीनू साँवली होने के कारण अभी तक उसे कोई पसंद नहीं कर पाया था लेकिन मेरठ वालों को उसकी फोटो पसंद आ गई थी। अत: सभी को लगता था कि इस बार मीनू का रिश्ता हो ही जाएगा इसीलिए आने वाले मेहमान को महत्त्व दिया जा रहा था।  

Question 3

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

दूसरे दिन प्रात: होते ही दयाराम जी के घर में मेहमानों के स्वागत के लिए विभिन्न प्रकार की तैयारियाँ प्रारंभ हो गई थीं। घर की सारी चीजें झाड़-पोंछकर यथा-स्थान लगा दी गई थीं। एक मध्यम श्रेणी की हैसियत के अनुसार बैठक को विशेष रूप से सुसज्जित किया गया। 

"विभिन्न प्रकार की तैयारियाँ...." विशिष्ट संदर्भ में स्पष्ट कीजिए। 

Solution 3

आज भी हमारे यहाँ लड़की वालों के यहाँ रिश्ता लेकर आना उत्सव से कम नहीं होता इसलिए वे अपनी तरफ़ से कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। अपनी हैसियत के मुताबिक या उससे भी बढ़ चढ़ कर मेहमानों को खुश करने का प्रयास करते हैं। 

यहाँ पर भी दयाराम जी बेटी मीनू को देखने के संदर्भ में विभिन्न प्रकार की तैयारियाँ का उल्लेख किया गया है। 

Question 4

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

दूसरे दिन प्रात: होते ही दयाराम जी के घर में मेहमानों के स्वागत के लिए विभिन्न प्रकार की तैयारियाँ प्रारंभ हो गई थीं। घर की सारी चीजें झाड़-पोंछकर यथा-स्थान लगा दी गई थीं। एक मध्यम श्रेणी की हैसियत के अनुसार बैठक को विशेष रूप से सुसज्जित किया गया। 

आनेवाले मेहमान से परिवार के लोगों को क्या उम्मीद है? 

Solution 4

अभी तक मीनू के रंग-रूप के कारण उसका कहीं रिश्ता नहीं हो पाया था परंतु इस बार मेरठ में रहने वाले मायाराम जी के परिवार वालों को मीनू का फोटो पसंद आ गया था अत: परिवार वालों को इस बार पूरी उम्मीद थी कि इस बार मीनू का रिश्ता पक्का हो ही जाएगा। 

Question 5

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

वह स्वयं ही दृढ़ता व साहस की मूर्ति थी। उतार चढ़ाव तो हर इंसान की जिंदगी में आते ही रहते हैं। उसने विवाह का सपना ही देखना छोड़ दिया। उसके सामने इतनी लंबी जिंदगी पड़ी थी, जिसका वह एक क्षण भी व्यर्थ नहीं होने देना चाहती थी। 

लेखिका मीनू को दृढ़ता व साहस की मूर्ति क्यों कह रही है? 

Solution 5

मीनू के रंग-रूप के कारण वह अनेक बार ठुकराई जा चुकी थी परंतु मेरठ वाले रिश्ते से उसे काफी उम्मीदें बंधी थी लेकिन वहाँ से भी जब उसे ठुकराया गया तो वह एकदम टूट सी जाती है। उसे लगने लगता है कि उसका जीवन व्यर्थ है। पर जल्दी ही अपने आप को संभाल लेती है और विवाह न करने का संकल्प लेकर अपने निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने में लग जाती है।  

Question 6

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

वह स्वयं ही दृढ़ता व साहस की मूर्ति थी। उतार चढ़ाव तो हर इंसान की जिंदगी में आते ही रहते हैं। उसने विवाह का सपना ही देखना छोड़ दिया। उसके सामने इतनी लंबी जिंदगी पड़ी थी, जिसका वह एक क्षण भी व्यर्थ नहीं होने देना चाहती थी। 

विवाह के अलावा मीनू के जीवन का लक्ष्य क्या था? 

Solution 6

यूँ तो मीनू को बचपन से ही वकील बनने की इच्छा थी परंतु उसके माता-पिता उसे होस्टल भेजने के पक्ष में न होने के कारण उसकी यह इच्छा पूरी नहीं हो पा रही थी। पर अंत में मीनू की लगन देखकर उन्होंने उसे आज्ञा दे दी इस प्रकार विवाह के अलावा मीनू का लक्ष्य वकील बनना था। 

Question 7

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

वह स्वयं ही दृढ़ता व साहस की मूर्ति थी। उतार चढ़ाव तो हर इंसान की जिंदगी में आते ही रहते हैं। उसने विवाह का सपना ही देखना छोड़ दिया। उसके सामने इतनी लंबी जिंदगी पड़ी थी, जिसका वह एक क्षण भी व्यर्थ नहीं होने देना चाहती थी। 

मीनू समाज के झूठे आवरण को हटाकर एक सत्य दिखाना चाहती है - स्पष्ट कीजिए। 

Solution 7

यहाँ पर मीनू समाज को यह दिखाना चाहती थी कि केवल विवाह ही किसी लड़की की मंजिल नहीं होती है। लड़की के सामने विवाह के अतिरिक्त भी अन्य कई विकल्प मौजूद होते है।  

Question 8

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

वह स्वयं ही दृढ़ता व साहस की मूर्ति थी। उतार चढ़ाव तो हर इंसान की जिंदगी में आते ही रहते हैं। उसने विवाह का सपना ही देखना छोड़ दिया। उसके सामने इतनी लंबी जिंदगी पड़ी थी, जिसका वह एक क्षण भी व्यर्थ नहीं होने देना चाहती थी। 

प्रस्तुत पंक्तियों का भावार्थ अपने शब्दों में लिखिए। 

Solution 8

प्रस्तुत पंक्तियों का भावार्थ यह है कि इंसान को परिस्थिति के आगे हार नहीं माननी चाहिए। मीनू ने भी परिस्थिति के आगे हार नहीं मानी और अपना ध्यान लक्ष्य को पूरा करने में केंद्रित कर दिया।  

Question 9

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

धनीमल जी व मायाराम जी आपस में कुछ बातें की और सब वहाँ से उठकर चल दिए। अमित और सरिता को एकांत में बात करने का अवसर दिया गया। अमित ने सरिता से कुछ प्रश्न किए। अमित ने पूछा," आपकी किस चीज में रूचि है?" 

सरिता ने तपाक से जवाब दिया, "जी, मुझे पेंटिंग व कार ड्राइविंग में विशेष रूचि है।" 

धनीमल और मायाराम कौन हैं? उनके बीच क्या बातचीत हो रही है? 

Solution 9

धनीमल मेरठ के एक बड़े रईस और सरिता के पिता हैं। मायाराम अमित के पिता हैं। 

मायाराम अपने परिवार सहित धनीमल की बेटी को देखने आए हुए हैं। इस समय उन दोनों के बीच इसी रिश्ते को लेकर आपस में बातचीत चल रही है। 

Question 10

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

धनीमल जी व मायाराम जी आपस में कुछ बातें की और सब वहाँ से उठकर चल दिए। अमित और सरिता को एकांत में बात करने का अवसर दिया गया। अमित ने सरिता से कुछ प्रश्न किए। अमित ने पूछा," आपकी किस चीज में रूचि है?" 

सरिता ने तपाक से जवाब दिया, "जी, मुझे पेंटिंग व कार ड्राइविंग में विशेष रूचि है।" 

अमित और सरिता किस विषय में बात कर रहे हैं? 

Solution 10

अमित और सरिता आपस में खुलकर बातचीत कर सके इसलिए दोनों के परिवार वालों ने उन्हें अकेला छोड़ दिया। अमित और सरिता इस समय औपचारिक वार्तालाप के दौरान अपनी पसंद-नापसंद, पढ़ाई-लिखाई और रुचियों की बातें कर रहे हैं।  

Question 11

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

धनीमल जी व मायाराम जी आपस में कुछ बातें की और सब वहाँ से उठकर चल दिए। अमित और सरिता को एकांत में बात करने का अवसर दिया गया। अमित ने सरिता से कुछ प्रश्न किए। अमित ने पूछा," आपकी किस चीज में रूचि है?" 

सरिता ने तपाक से जवाब दिया, "जी, मुझे पेंटिंग व कार ड्राइविंग में विशेष रूचि है।" 

मुझे पेंटिंग व कार ड्राइविंग में विशेष रूचि है - स्पष्ट कीजिए। 

Solution 11

यहाँ पर अमित को आपसी बातचीत के दौरान सरिता के बारे में यह पता चलता है कि उसे पेंटिंग व कार ड्राइविंग का शौक है। अमित को आश्चर्य होता है कि एक गृहस्थी को सुचारू रूप से चलाने के लिए कई चीजों को आवश्यकता होती है और सरिता को घर के कामों में कोई दिलचस्पी नहीं थी। 

Question 12

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

धनीमल जी व मायाराम जी आपस में कुछ बातें की और सब वहाँ से उठकर चल दिए। अमित और सरिता को एकांत में बात करने का अवसर दिया गया। अमित ने सरिता से कुछ प्रश्न किए। अमित ने पूछा," आपकी किस चीज में रूचि है?" 

सरिता ने तपाक से जवाब दिया, "जी, मुझे पेंटिंग व कार ड्राइविंग में विशेष रूचि है।" 

उनकी बातचीत का निष्कर्ष क्या होगा? 

Solution 12

अमित और सरिता ने जब आपस में बातचीत की तो अमित को सरिता के बारे में जानने का मौका मिला उस बातचीत से यह निष्कर्ष निकला कि सरिता को घर के कामों में कोई रूचि नहीं थी। 

Question 13

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

उस निमंत्रण - पत्र को हाथ में लेकर वह फिर अतीत की स्मृतियों में डूब गई। वह अपने को अभागन महसूस कर रही थी। कई लड़के उसे देखकर नापसंद का चुके थे यह कल्पना करते ही उसका दिल भर आया। तभी उसने अपने को संभाला और अपनी सहेलियों के साथ बाहर चली गई। 

यहाँ पर किसका निमंत्रण आया है? 

Solution 13

यहाँ पर मीनू की अभिन्न सहेली नीलिमा के विवाह का निमंत्रण आया है। 

Question 14

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

उस निमंत्रण - पत्र को हाथ में लेकर वह फिर अतीत की स्मृतियों में डूब गई। वह अपने को अभागन महसूस कर रही थी। कई लड़के उसे देखकर नापसंद का चुके थे यह कल्पना करते ही उसका दिल भर आया। तभी उसने अपने को संभाला और अपनी सहेलियों के साथ बाहर चली गई। 

अतीत की स्मृतियों में डूब जाने पर मीनू क्यों उदास हो जाती है? 

Solution 14

मीनू को जब उसकी अभिन्न सहेली नीलिमा के विवाह का निमंत्रण पत्र आता है तब वह उसे अतीत की बातें याद आने लगती है कि किस प्रकार अतीत में कई बार उसे कई लड़के ना-पसंद कर चुके थे। उन बातों को याद कर मीनू उदास हो जाती है। 

Question 15

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

उस निमंत्रण - पत्र को हाथ में लेकर वह फिर अतीत की स्मृतियों में डूब गई। वह अपने को अभागन महसूस कर रही थी। कई लड़के उसे देखकर नापसंद का चुके थे यह कल्पना करते ही उसका दिल भर आया। तभी उसने अपने को संभाला और अपनी सहेलियों के साथ बाहर चली गई। 

कई लड़के उसे देखकर नापसंद कर चुके थे - स्पष्ट कीजिए। 

Solution 15

मीनू साधारण नैन-नक्श की साँवले रंग-रूप की लड़की थी जिसके कारण उसे कोई भी पसंद नहीं कर रहा था। यहाँ पर कहने का तात्पर्य यह है कि मीनू गुणों से भरी हुई लड़की थी पर सभी ऊपरी चमक-दमक को ही महत्त्व दे रहे थे। 

Question 16

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

उस निमंत्रण - पत्र को हाथ में लेकर वह फिर अतीत की स्मृतियों में डूब गई। वह अपने को अभागन महसूस कर रही थी। कई लड़के उसे देखकर नापसंद का चुके थे यह कल्पना करते ही उसका दिल भर आया। तभी उसने अपने को संभाला और अपनी सहेलियों के साथ बाहर चली गई। 

मीनू अपनी सहेलियों के साथ कहाँ जा रही है? 

Solution 16

मीनू को उसकी अभिन्न सहेली नीलिमा के विवाह का निमंत्रण पत्र आता है। तब वह अतीत की यादों में खो जाती है और उदास हो जाती है परंतु फिर अपनी स्थिति को संभाल कर अपनी सहेलियों के साथ पूर्वनियोजित योजनानुसार बाहर चली जाती है। 

Question 17

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

तभी बारात में आए एक नवयुवक ने उसकी आवाज की प्रशंसा करते हुए कहा, "आपकी आवाज बहुत मधुर है, क्या सुंदर गीत सुनाया है आपने।" मीनू ने जैसे ही सिर उठाकर ऊपर की ओर देखा, तो वह आश्चर्यचकित हो उठी। अरे! ये तो वही लड़का है अमित है। जो मेरठ उसे देखने आया था। उसके मुँह से अपनी प्रशंसा सुनने के बाद उसके ह्रदय में कोई प्रसन्नता की अनुभूति नहीं हुई।  

नवयुवक कौन है? 

Solution 17

नवयुवक अमित है। ये वही है जो कुछ दिनों पहले मीनू देखने के लिए आया था और उसका रिश्ता यह कहकर ठुकराया था कि उन्हें मीनू के बदले उसकी छोटी बहन पसंद आ गई थी। 

Question 18

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

तभी बारात में आए एक नवयुवक ने उसकी आवाज की प्रशंसा करते हुए कहा, "आपकी आवाज बहुत मधुर है, क्या सुंदर गीत सुनाया है आपने।" मीनू ने जैसे ही सिर उठाकर ऊपर की ओर देखा, तो वह आश्चर्यचकित हो उठी। अरे! ये तो वही लड़का है अमित है। जो मेरठ उसे देखने आया था। उसके मुँह से अपनी प्रशंसा सुनने के बाद उसके ह्रदय में कोई प्रसन्नता की अनुभूति नहीं हुई। 

मीनू उस नवयुवक को देखकर क्यों चौंक गई? 

Solution 18

मीनू अपने सामने अमित को देखकर चौंक गई। मीनू ने यह कल्पना नहीं की थी कि किसी दिन अमित से उसका सामना इस तरह होगा। 

Question 19

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

तभी बारात में आए एक नवयुवक ने उसकी आवाज की प्रशंसा करते हुए कहा, "आपकी आवाज बहुत मधुर है, क्या सुंदर गीत सुनाया है आपने।" मीनू ने जैसे ही सिर उठाकर ऊपर की ओर देखा, तो वह आश्चर्यचकित हो उठी। अरे! ये तो वही लड़का है अमित है। जो मेरठ उसे देखने आया था। उसके मुँह से अपनी प्रशंसा सुनने के बाद उसके ह्रदय में कोई प्रसन्नता की अनुभूति नहीं हुई। 

मीनू अपनी प्रशंसा सुनकर खुश क्यों नहीं हुई? 

Solution 19

अमित ने जब मीनू की प्रशंसा की तो वह खुश नहीं हुई क्योंकि अमित वही लड़का था जिसने कुछ दिनों पूर्व उसका रिश्ता ठुकराया था। 

Question 20

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

तभी बारात में आए एक नवयुवक ने उसकी आवाज की प्रशंसा करते हुए कहा, "आपकी आवाज बहुत मधुर है, क्या सुंदर गीत सुनाया है आपने।" मीनू ने जैसे ही सिर उठाकर ऊपर की ओर देखा, तो वह आश्चर्यचकित हो उठी। अरे! ये तो वही लड़का है अमित है। जो मेरठ उसे देखने आया था। उसके मुँह से अपनी प्रशंसा सुनने के बाद उसके ह्रदय में कोई प्रसन्नता की अनुभूति नहीं हुई। 

उसकी भावनाओं को ठेस पहुँचाई - स्पष्ट कीजिए। 

Solution 20

यहाँ पर अमित ने मीनू जैसी गुणी लड़की का रिश्ता ठुकराकर उसकी भावनाओं को ठेस पहुँचाई थी। मीनू पढ़ी-लिखी गुणी लड़की थी परंतु अमित के माता-पिता ने अमीर लड़की का रिश्ता आने के कारण उसके रिश्ते को यह कहकर ठुकराया कि उन्हें मीनू के बदले उसकी छोटी बहन पसंद आई है जबकि वास्तव में वे धनीमल की बेटी सरिता से अमित का विवाह करवाना चाहते थे।  

Question 21

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

"भइया, मैं सच कह रही हूँ। जवान बेटियों की तो बड़ी भारी जिम्मेदारी होती है। इनकी शादी हो जाएगी तो तुझे कम-कम-से छुट्टी तो मिल जाएगी। फिर रोहित, वह तो लड़का है उसकी कोई ऐसी बात नहीं है।" बुआजी ने बहुत विश्वास के साथ कहा। 

वह महिला कौन है और भइया को क्या समझा रही है? 

Solution 21

वह महिला मीनू की बुआ है। वह अपने भइया को बेटियों के विवाह का महत्त्व समझा रही है। बुआ के अनुसार बेटियों के शादी हो जाने से माता-पिता को बहुत बड़े कामों से मुक्ति मिल जाती है। 

Question 22

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

"भइया, मैं सच कह रही हूँ। जवान बेटियों की तो बड़ी भारी जिम्मेदारी होती है। इनकी शादी हो जाएगी तो तुझे कम-कम-से छुट्टी तो मिल जाएगी। फिर रोहित, वह तो लड़का है उसकी कोई ऐसी बात नहीं है।" बुआजी ने बहुत विश्वास के साथ कहा। 

किसके विवाह की चिंता कर रही है? 

Solution 22

बुआ अपनी भतीजी मीनू और आशा की विवाह की चिंता कर रही है। मीनू और आशा के पिता की तबियत भी खराब रहती थी और ऊपर से अभी तक मीनू और आशा का विवाह भी न हुआ था अत: बुआ इनके विवाह की चिंता कर रही है। 

Question 23

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

"भइया, मैं सच कह रही हूँ। जवान बेटियों की तो बड़ी भारी जिम्मेदारी होती है। इनकी शादी हो जाएगी तो तुझे कम-कम-से छुट्टी तो मिल जाएगी। फिर रोहित, वह तो लड़का है उसकी कोई ऐसी बात नहीं है।" बुआजी ने बहुत विश्वास के साथ कहा। 

हमारे समाज में लड़के के विवाह की अपेक्षा लड़की के विवाह को आज इतना महत्त्व क्यों दिया जाता है? 

Solution 23

हमारे समाज में स्त्री को दोयम दर्जे का समझा जाता है। माता-पिता बेटी को एक भार और बोझ समझते हैं। बेटी को पराया धन समझा जाता है। उसके विपरीत बेटे को घर का चिराग और कुलदीपक समझा जाता है। और यही कारण है कि लड़की के विवाह को हमारे समाज में इतना अधिक महत्त्व दिया जाता है। माता-पिता को लगता है कि बेटी के विवाह से उनके सिर से एक बड़ी भारी जिम्मेदारी उतर जाएगी। 

Question 24

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

"भइया, मैं सच कह रही हूँ। जवान बेटियों की तो बड़ी भारी जिम्मेदारी होती है। इनकी शादी हो जाएगी तो तुझे कम-कम-से छुट्टी तो मिल जाएगी। फिर रोहित, वह तो लड़का है उसकी कोई ऐसी बात नहीं है।" बुआजी ने बहुत विश्वास के साथ कहा। 

प्रस्तुत पंक्तियों के अर्थ अपने शब्दों में व्यक्त करो। 

Solution 24

प्रस्तुत पंक्तियों का अर्थ यह है कि बेटियाँ माता-पिता की बड़ी जिम्मेदारियाँ होती है। वे उनका विवाह करके ही इस जिम्मेदारी से मुक्त हो सकते हैं। 

Question 25

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

तभी नीलिमा ने मीनू को शादी के बारे में पूछ लिया, "मीनू, तू शादी नहीं कर रही है अभी? मैंने सुना है आशा का रिश्ता हो गया है।" 

"हाँ नीलिमा ! आशा का रिश्ता हो गया है। लड़का इंजीनियर है। घर भी अच्छा है।" 

"पर मीनू, तू शादी के लिए तैयार क्यों नहीं है?" "नीलिमा ने पूछा। 

"नीलिमा, अब मैं कुछ निराश सी हो गई हूँ। कौन करेगा मुझसे शादी?" 

नीलिमा कौन है? वह मीनू को राय क्यों दे रही है? 

Solution 25

नीलिमा मीनू की हमउम्र और उसकी अभिन्न मित्र है। वह मीनू को विवाह करने की सलाह दे रही है। नीलिमा को जब पता चलता है कि मीनू की छोटी बहन का रिश्ता तय हो गया है और मीनू ने शादी न करने का निर्णय लिया है तो उसे विवाह समय पर करने की राय देती है। 

Question 26

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

तभी नीलिमा ने मीनू को शादी के बारे में पूछ लिया, "मीनू, तू शादी नहीं कर रही है अभी? मैंने सुना है आशा का रिश्ता हो गया है।" 

"हाँ नीलिमा ! आशा का रिश्ता हो गया है। लड़का इंजीनियर है। घर भी अच्छा है।" 

"पर मीनू, तू शादी के लिए तैयार क्यों नहीं है?" "नीलिमा ने पूछा। 

"नीलिमा, अब मैं कुछ निराश सी हो गई हूँ। कौन करेगा मुझसे शादी?" 

शादी के नाम से मीनू उदास क्यों हो जाती है? 

Solution 26

मीनू का रिश्ता कई बार साधारण रंग-रूप होने के कारण ठुकराया जा चुका है इसलिए जब उसकी सहेली नीलिमा उसकी शादी के विषय में पूछताछ करती है तो वह उदास हो जाती है।  

Question 27

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

तभी नीलिमा ने मीनू को शादी के बारे में पूछ लिया, "मीनू, तू शादी नहीं कर रही है अभी? मैंने सुना है आशा का रिश्ता हो गया है।" 

"हाँ नीलिमा ! आशा का रिश्ता हो गया है। लड़का इंजीनियर है। घर भी अच्छा है।" 

"पर मीनू, तू शादी के लिए तैयार क्यों नहीं है?" "नीलिमा ने पूछा। 

"नीलिमा, अब मैं कुछ निराश सी हो गई हूँ। कौन करेगा मुझसे शादी?" 

नीलिमा उसकी शादी के लिए उत्साहित क्यों है? 

Solution 27

नीलिमा और मीनू हमउम्र सहेलियाँ हैं। नीलिमा की शादी हो चुकी है और वह चाहती है कि उसकी सहेली मीनू का भी विवाह हो जाय इसलिए वह उसकी शादी के लिए उत्साहित है। 

Question 28

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

तभी नीलिमा ने मीनू को शादी के बारे में पूछ लिया, "मीनू, तू शादी नहीं कर रही है अभी? मैंने सुना है आशा का रिश्ता हो गया है।" 

"हाँ नीलिमा ! आशा का रिश्ता हो गया है। लड़का इंजीनियर है। घर भी अच्छा है।" 

"पर मीनू, तू शादी के लिए तैयार क्यों नहीं है?" "नीलिमा ने पूछा। 

"नीलिमा, अब मैं कुछ निराश सी हो गई हूँ। कौन करेगा मुझसे शादी?" 

"कौन करेगा मुझसे शादी?" भाव स्पष्ट कीजिए। 

Solution 28

यहाँ पर नीलिमा के प्रश्न के उत्तर में मीनू के मुँह से यह उद्गार निकलते हैं। मीनू का रिश्ता बहुत बार ठुकराया जा चुका था उसे अब अपने विवाह की कोई उम्मीद नहीं बची थी ऐसे मैं अपनी सहेली के इस प्रश्न से वह निराश हो जाती है और कहती है कि अब कौन उसके साथ शादी करेगा।  

Question 29

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

यह कैसी विचित्र घड़ी होती है। माता-पिता जिस बेटी का लालन-पालन इतने वर्षों तक लाड़-प्यार करते हैं, उसी बेटी को सदा के लिए दूसरे के हाथों में सौंप देते हैं। हर पल रहने वाली बिटिया के लिए वह घर पराया हो जाता है। घर ही क्या, बिटिया भी तो पराया धन ही हो जाती है। 

यहाँ विचित्र घड़ी से क्या उद्देश्य है? 

Solution 29

यहाँ पर विचित्र घड़ी से उद्देश्य बेटी के विवाह से है। यहाँ पर कहने का तात्पर्य यह है कि जिस बेटी का माता-पिता लालन-पालन बड़े ही प्यार से करते हैं अंत में एक दिन वे उसे किसी दूसरे के हाथों कैसे सौंप पाते हैं। 

Question 30

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

यह कैसी विचित्र घड़ी होती है। माता-पिता जिस बेटी का लालन-पालन इतने वर्षों तक लाड़-प्यार करते हैं, उसी बेटी को सदा के लिए दूसरे के हाथों में सौंप देते हैं। हर पल रहने वाली बिटिया के लिए वह घर पराया हो जाता है। घर ही क्या, बिटिया भी तो पराया धन ही हो जाती है। 

किसका विवाह हो रहा है? 

Solution 30

यहाँ पर मीनू की छोटी बहन आशा का विवाह हो रहा है।  

Question 31

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

यह कैसी विचित्र घड़ी होती है। माता-पिता जिस बेटी का लालन-पालन इतने वर्षों तक लाड़-प्यार करते हैं, उसी बेटी को सदा के लिए दूसरे के हाथों में सौंप देते हैं। हर पल रहने वाली बिटिया के लिए वह घर पराया हो जाता है। घर ही क्या, बिटिया भी तो पराया धन ही हो जाती है। 

वर्षों के लाड़-प्यार के बाद लड़की को बिछुड़ना क्यों पड़ता है? 

Solution 31

हमारे समाज में बेटी पराया धन मानी जाती है। प्रत्येक माता-पिता एक अमानत के तौर पर बेटी की देखभाल करते हैं। इसलिए वर्षों के लाड़-प्यार के बाद लड़की को बिछुड़ना पड़ता है।  

Question 32

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

यह कैसी विचित्र घड़ी होती है। माता-पिता जिस बेटी का लालन-पालन इतने वर्षों तक लाड़-प्यार करते हैं, उसी बेटी को सदा के लिए दूसरे के हाथों में सौंप देते हैं। हर पल रहने वाली बिटिया के लिए वह घर पराया हो जाता है। घर ही क्या, बिटिया भी तो पराया धन ही हो जाती है। 

'बेटी पराया धन होती है' का अर्थ स्पष्ट कीजिए। 

Solution 32

बेटी पराया धन होती है इसका अर्थ यह है कि बेटियों का बड़े प्यार से लालन-पालन किया जाता है और एक दिन उनका विवाह होकर वे दूसरों के घर चली जाती है इसलिए उन्हें पराया धन कहा जाता है। 

Question 33

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

उन्होंने लिफाफा खोलकर देखा तो वे प्रसन्न हो गईं। उनके भतीजे दीपक की शादी का कार्ड था। कितनी प्रसन्न थीं आज वह। उनको अपने भाई के पास गए हुए भी कई वर्ष हो गए थे। उन्होंने सोचा कि इस बार वे शादी में जाएँगी, तब कुछ दिनों के लिए वहाँ रुकेंगी। 

दीपक कौन है? वक्ता का उससे क्या संबंध है?

Solution 33

दीपक अमित की माँ के भाई का बेटा है। इस रिश्ते से अमित की माँ दीपक की बुआ है। 

Question 34

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

उन्होंने लिफाफा खोलकर देखा तो वे प्रसन्न हो गईं। उनके भतीजे दीपक की शादी का कार्ड था। कितनी प्रसन्न थीं आज वह। उनको अपने भाई के पास गए हुए भी कई वर्ष हो गए थे। उन्होंने सोचा कि इस बार वे शादी में जाएँगी, तब कुछ दिनों के लिए वहाँ रुकेंगी। 

शादी में जाने के लिए वे इतना उत्साहित क्यों है? 

Solution 34

अमित की माँ शादी में जाने को उत्साहित इसलिए है क्योंकि दीपक उनके भाई का लड़का है और साथ ही कई वर्षों के बाद वे अपने भाई से इस विवाह के कारण मिल पाएँगी। 

Question 35

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

उन्होंने लिफाफा खोलकर देखा तो वे प्रसन्न हो गईं। उनके भतीजे दीपक की शादी का कार्ड था। कितनी प्रसन्न थीं आज वह। उनको अपने भाई के पास गए हुए भी कई वर्ष हो गए थे। उन्होंने सोचा कि इस बार वे शादी में जाएँगी, तब कुछ दिनों के लिए वहाँ रुकेंगी। 

'शादी शब्द सुनकर एक अजीब प्रसन्नता यहाँ क्यों छा जाती है? 

Solution 35

अमित का रिश्ता सरिता से टूट जाने के बाद से इस घर में अजीब-सी शांति छा गई थी घर के सभी सदस्य अपने-अपने काम से निकल जाते थे और अमित की माँ घर में अकेली रह जाती थी इसलिए शादी शब्द सुनकर एक अजीब प्रसन्नता यहाँ छा जाती है। 

Question 36

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

उन्होंने लिफाफा खोलकर देखा तो वे प्रसन्न हो गईं। उनके भतीजे दीपक की शादी का कार्ड था। कितनी प्रसन्न थीं आज वह। उनको अपने भाई के पास गए हुए भी कई वर्ष हो गए थे। उन्होंने सोचा कि इस बार वे शादी में जाएँगी, तब कुछ दिनों के लिए वहाँ रुकेंगी। 

शादी के पीछे छिपे भाव को स्पष्ट कीजिए। 

Solution 36

यहाँ पर शादी के पीछे छिपे अमित की माँ के मन में हुई खुशी के भाव से है। अमित की माँ पिछले कई वर्षों से अपने भाई से नहीं मिल पाई थी अब इस शादी के अवसर पर वह शादियों की खुशियों के साथ अपने भाई से भी मिल पाएँगी। 

Question 37

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

एक घंटे का समय कहाँ व्यतीत करे, उसकी कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था। तभी उसने एक पत्रिका खरीदी और पास में पड़ी बेंच पर बैठकर पढ़ने लगी। हर दस मिनट के बाद उसकी नज़र घड़ी पर चली जाती। एक-एक पल काटना कठिन हो रहा था। 

वक्ता परेशान क्यों है? 

Solution 37

वक्ता मीनू अमित के एक्सीडेंट हो जाने के कारण परेशान है। 

Question 38

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

एक घंटे का समय कहाँ व्यतीत करे, उसकी कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था। तभी उसने एक पत्रिका खरीदी और पास में पड़ी बेंच पर बैठकर पढ़ने लगी। हर दस मिनट के बाद उसकी नज़र घड़ी पर चली जाती। एक-एक पल काटना कठिन हो रहा था। 

उसे यह समय बहुत लंबा क्यों लग रहा है? 

Solution 38

मीनू को जब नीलिमा से अमित के एक्सीडेंट की खबर मिलती है तो वह उसे देखने के लिए मेडिकल कॉलेज पहुँच जाती है परंतु वहाँ जाने के बाद उसे पता चलता है कि मरीजों से मिलने का समय सुबह के दस बजे से है और उस समय नौ बजे थे और वह जल्द से जल्द अमित को मिलना चाहती थी इसलिए उसे वह समय लंबा लग रहा था। 

Question 39

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

एक घंटे का समय कहाँ व्यतीत करे,उसकी कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था। तभी उसने एक पत्रिका खरीदी और पास में पड़ी बेंच पर बैठकर पढ़ने लगी। हर दस मिनट के बाद उसकी नज़र घड़ी पर चली जाती। एक-एक पल काटना कठिन हो रहा था। 

इस इंतजार का वास्तविक उद्देश्य क्या है? 

Solution 39

इस इंतजार का वास्तविक उद्देश्य यह है कि मीनू के मन में अमित के प्रति जो घृणा थी वह अब स्नेह में बदल गई है। इसलिए वह अमित की एक्सीडेंट की खबर सुनकर बैचैन हो जाती है और जल्द से जल्द उससे मिलना चाहती है।  

Question 40

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

एक घंटे का समय कहाँ व्यतीत करे, उसकी कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था। तभी उसने एक पत्रिका खरीदी और पास में पड़ी बेंच पर बैठकर पढ़ने लगी। हर दस मिनट के बाद उसकी नज़र घड़ी पर चली जाती। एक-एक पल काटना कठिन हो रहा था। 

यह कथन किस परिप्रेक्ष्य में कहा गया है? 

Solution 40

यह कथन अमित के एक्सीडेंट और मीनू के मन परिवर्तन के परिपेक्ष्य में कहा गया है। मीनू अपना रिश्ता अमित द्वारा ठुकराए जाने के कारण उसे पसंद नहीं करती परंतु नीलिमा द्वारा सच जानने के बाद मीनू का मन परिवर्तन हो गया था और अब वह अमित से स्नेह करने लगी थी। 

Question 41

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

परन्तु दूसरे ही क्षण मीनू के कदम अस्पताल की ओर बढ़ चले। उसके ह्रदय में एक अंतर्द्वंद्व था उसका अस्पताल में जाना उचित होगा या नहीं। कई बार उसको अंत:प्रेरणा ने उसे वापस मुड़ जाने के लिए प्रेरित किया, परंतु अंतर्द्वंद्व में फैसला नहीं कर पायी। उसके कदम अस्पताल की ओर बढ़ते गए उसने देखा कि वह अस्पताल के सामने खड़ी थी। 

मीनू ने अमित के कमरे में प्रवेश किया, तो देखा कि अमित अपने पलंग पर लेटा हुआ अपनी माँ से बातें का रहा था। मीनू को देखकर उन्होंने उसे प्रेमपूर्वक बैठाया उसे देखकर अमित के मुरझाए चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। 

तभी माँ ने मीनू से पूछा, "मीनू तुम्हारी वकालत तो पूरी हो गई है ना?" 

"हाँ आंटी ! मैंने प्रथम श्रेणी में वकालत पास कर ली है और अब यहाँ मेरठ में ही प्रेक्टिस भी शुरू कर दी है।" 

अमित मीनू के आने से खुश क्यों हो गया? 

Solution 41

अमित ने मीनू का रिश्ता ठुकराकर मीनू के दिल को ठेस पहुँचाई थी इसलिए इस तरह मीनू के अस्पताल में आकर उसे मिलने से अमित खुश हो गया। 

Question 42

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

परन्तु दूसरे ही क्षण मीनू के कदम अस्पताल की ओर बढ़ चले। उसके ह्रदय में एक अंतर्द्वंद्व था उसका अस्पताल में जाना उचित होगा या नहीं। कई बार उसको अंत:प्रेरणा ने उसे वापस मुड़ जाने के लिए प्रेरित किया, परंतु अंतर्द्वंद्व में फैसला नहीं कर पायी। उसके कदम अस्पताल की ओर बढ़ते गए उसने देखा कि वह अस्पताल के सामने खड़ी थी। 

मीनू ने अमित के कमरे में प्रवेश किया, तो देखा कि अमित अपने पलंग पर लेटा हुआ अपनी माँ से बातें का रहा था। मीनू को देखकर उन्होंने उसे प्रेमपूर्वक बैठाया उसे देखकर अमित के मुरझाए चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। 

तभी माँ ने मीनू से पूछा, "मीनू तुम्हारी वकालत तो पूरी हो गई है ना?" 

"हाँ आंटी ! मैंने प्रथम श्रेणी में वकालत पास कर ली है और अब यहाँ मेरठ में ही प्रेक्टिस भी शुरू कर दी है।" 

यह वार्तालाप किस-किस के मध्य चल रहा है? उनका आपस में क्या संबंध है? 

Solution 42

यह वार्तालाप मीनू और अमित की माँ के मध्य चल रहा है। उनका आपस में वैसे सीधा कोई संबंध नहीं है। वैसे अमित की माँ ने एक बार मीनू का रिश्ता अमीर घर की लड़की सरिता के लिए ठुकराया था। 

Question 43

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

परन्तु दूसरे ही क्षण मीनू के कदम अस्पताल की ओर बढ़ चले। उसके ह्रदय में एक अंतर्द्वंद्व था उसका अस्पताल में जाना उचित होगा या नहीं। कई बार उसको अंत:प्रेरणा ने उसे वापस मुड़ जाने के लिए प्रेरित किया, परंतु अंतर्द्वंद्व में फैसला नहीं कर पायी। उसके कदम अस्पताल की ओर बढ़ते गए उसने देखा कि वह अस्पताल के सामने खड़ी थी। 

मीनू ने अमित के कमरे में प्रवेश किया, तो देखा कि अमित अपने पलंग पर लेटा हुआ अपनी माँ से बातें का रहा था। मीनू को देखकर उन्होंने उसे प्रेमपूर्वक बैठाया उसे देखकर अमित के मुरझाए चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। 

तभी माँ ने मीनू से पूछा, "मीनू तुम्हारी वकालत तो पूरी हो गई है ना?" 

"हाँ आंटी ! मैंने प्रथम श्रेणी में वकालत पास कर ली है और अब यहाँ मेरठ में ही प्रेक्टिस भी शुरू कर दी है।" 

वक्ता के वकालत पास करने से उन्हें विशेष खुशी क्यों हो रही है? 

Solution 43

अमित का एक्सीडेंट हो गया था और ऐसे में कोई लड़की अमित से मिलने आती है। और पूछताछ करने पर जब उन्हें पता चलता है कि वह कोई साधारण लड़की न होकर वकील है तो वक्ता बड़ी खुश होती है।  

Question 44

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

परन्तु दूसरे ही क्षण मीनू के कदम अस्पताल की ओर बढ़ चले। उसके ह्रदय में एक अंतर्द्वंद्व था उसका अस्पताल में जाना उचित होगा या नहीं। कई बार उसको अंत:प्रेरणा ने उसे वापस मुड़ जाने के लिए प्रेरित किया, परंतु अंतर्द्वंद्व में फैसला नहीं कर पायी। उसके कदम अस्पताल की ओर बढ़ते गए उसने देखा कि वह अस्पताल के सामने खड़ी थी। 

मीनू ने अमित के कमरे में प्रवेश किया, तो देखा कि अमित अपने पलंग पर लेटा हुआ अपनी माँ से बातें का रहा था। मीनू को देखकर उन्होंने उसे प्रेमपूर्वक बैठाया उसे देखकर अमित के मुरझाए चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। 

तभी माँ ने मीनू से पूछा, "मीनू तुम्हारी वकालत तो पूरी हो गई है ना?" 

"हाँ आंटी ! मैंने प्रथम श्रेणी में वकालत पास कर ली है और अब यहाँ मेरठ में ही प्रेक्टिस भी शुरू कर दी है।" 

इन पंक्तियों का भाव अपने शब्दों में लिखिए। 

Solution 44

इन पंक्तियों का भाव यह है कि मीनू फैसला नहीं कर पा रही थी कि जिस लड़के ने उसे ठुकराया है वह उसी से मिलने अस्पताल जाएँ या नहीं। 

Question 45

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

वह समझ नहीं पा रही थी कि हमारे समाज में स्त्री पुरुष में इतना भेद क्यों? यदि कोई लड़का अकेला रहता है तो समाज उस पर अंगुलियाँ नहीं उठाता, चाहे वह कितना ही अपराध क्यों न करता हो परंतु एक लड़की, चाहे वह कितना ही संयम शील जीवन क्यों न व्यतीत करती हो, फिर समाज उस पर दोषारोपण करता है। 

किसी बातें सुनकर वक्ता इतनी परेशान है? 

Solution 45

मीनू जहाँ रहती थी वहीँ पर उनके पड़ोस में एक महिला रहती थी जिसे मीनू मौसी के नाम से संबोधित करती थी। यह पड़ोस वाली मौसी उसे एक दिन बस में मिल जाती है। वह एक अन्य महिला के साथ मीनू के अभी तक अविवाहित रहने की बात करती है और यह बातें सुनकर वह आहत हो जाती है। 

Question 46

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

वह समझ नहीं पा रही थी कि हमारे समाज में स्त्री पुरुष में इतना भेद क्यों? यदि कोई लड़का अकेला रहता है तो समाज उस पर अंगुलियाँ नहीं उठाता, चाहे वह कितना ही अपराध क्यों न करता हो परंतु एक लड़की, चाहे वह कितना ही संयम शील जीवन क्यों न व्यतीत करती हो, फिर समाज उस पर दोषारोपण करता है। 

समाज में स्त्री पुरुष में इतना भेद क्यों है? 

Solution 46

हमारे समाज में पहले से ही लड़की और लड़के में अंतर किया जाता रहा है। लड़का कितनी भी गलती करें उसे कभी कोई कुछ नहीं कहता परंतु यदि लड़की छोटी भी गलती करे तो पूरा समाज उस पर दोषारोपण करने लगता है।  

Question 47

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

वह समझ नहीं पा रही थी कि हमारे समाज में स्त्री पुरुष में इतना भेद क्यों? यदि कोई लड़का अकेला रहता है तो समाज उस पर अंगुलियाँ नहीं उठाता, चाहे वह कितना ही अपराध क्यों न करता हो। परंतु एक लड़की, चाहे वह कितना ही संयम शील जीवन क्यों न व्यतीत करती हो, फिर समाज उस पर दोषारोपण करता है। 

लड़की के जीवन में इतनी कठिनाईयाँ क्यों आती है? 

Solution 47

बचपन से ही लड़की को लड़कों से कम समझा और आँका जाता है इसलिए जब कभी कोई लड़की लड़कों के साथ बराबरी या कुछ अलग करने की कोशिश करती है तो पूरा समाज उसके विरुद्ध खड़ा हो जाता है इसलिए लड़की के जीवन में इतनी कठिनाईयाँ आती है। 

Question 48

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

वह समझ नहीं पा रही थी कि हमारे समाज में स्त्री पुरुष में इतना भेद क्यों? यदि कोई लड़का अकेला रहता है तो समाज उस पर अंगुलियाँ नहीं उठाता, चाहे वह कितना ही अपराध क्यों न करता हो परंतु एक लड़की,चाहे वह कितना ही संयम शील जीवन क्यों न व्यतीत करती हो, फिर समाज उस पर दोषारोपण करता है। 

इन पक्तियों के भाव स्पष्ट कीजिए? 

Solution 48

इन पंक्तियों का भाव लड़का और लड़की में भेद से है। यहाँ पर कहने का तात्पर्य यह है कि इस भेद के कारण लड़की अपने आप को कम समझने लगती है। उसके छोटे से भी अपराध को बहुत बढ़ा चढ़ा कर पेश किया जाता है उसी जगह पर लड़का कितना भी अपराध क्यों न करे उसे कोई कुछ नहीं कहता है। 

Question 49

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

मीनू दुल्हन बनी, उसकी डोली सजी और अपने पिया संग ससुराल को चल दी। मीनू को पा लेने पर अमित भी अब अपने को भाग्यशाली अनुभव कर रहा था। 

दुल्हन के रूप में सजी मीनू आज साधारण पढ़ी मीनू नहीं, वरन् एक प्रसिद्ध वकील मीनू थी, जिसने आत्मविश्वास व लगन से विशेष ख्याति प्राप्त कर ली थी। 

आज वह अपनी मंजिल तक पहुँच चुकी थी, जिसकी उसे तलाश थी। 

'आज मीनू का सपना पूरा हो गया' स्पष्ट करो। 

Solution 49

यहाँ पर कहने का तात्पर्य यह है कि साधारण रंग-रूप की होने के कारण जहाँ उसे ठुकरा दिया था उसी परिवार ने बाद में उसे सिर आँखों पर उठाकर उसे अपने घर की बहू बना लिया था। साथ ही उसने अपने वकील बनने के लक्ष्य को भी पा लिया था। 

Question 50

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

मीनू दुल्हन बनी,उसकी डोली सजी और अपने पिया संग ससुराल को चल दी। मीनू को पा लेने पर अमित भी अब अपने को भाग्यशाली अनुभव कर रहा था। 

दुल्हन के रूप में सजी मीनू आज साधारण पढ़ी मीनू नहीं, वरन् एक प्रसिद्ध वकील मीनू थी, जिसने आत्मविश्वास व लगन से विशेष ख्याति प्राप्त कर ली थी। 

आज वह अपनी मंजिल तक पहुँच चुकी थी, जिसकी उसे तलाश थी। 

क्या वकील बनना ही मीनू की मंजिल थी?  

Solution 50

हाँ वकील बनना ही मीनू की मंजिल थी। 

Question 51

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

मीनू दुल्हन बनी, उसकी डोली सजी और अपने पिया संग ससुराल को चल दी। मीनू को पा लेने पर अमित भी अब अपने को भाग्यशाली अनुभव कर रहा था। 

दुल्हन के रूप में सजी मीनू आज साधारण पढ़ी मीनू नहीं, वरन् एक प्रसिद्ध वकील मीनू थी, जिसने आत्मविश्वास व लगन से विशेष ख्याति प्राप्त कर ली थी। 

आज वह अपनी मंजिल तक पहुँच चुकी थी, जिसकी उसे तलाश थी। 

सामाजिक बंधन से क्या मीनू मुक्त हो सकी? 

Solution 51

मीनू अमित से विवाह के बंधन में बंधने से सामजिक बंधन से मुक्त हो गई। हमारे समाज में लड़की कितनी भी सफलता क्यों न प्राप्त कर ले परंतु जब तक वह शादी करके अपना घर नहीं बसा लेती तब तक समाज उस पर दवाब बना रहता है। 

Question 52

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

मीनू दुल्हन बनी, उसकी डोली सजी और अपने पिया संग ससुराल को चल दी। मीनू को पा लेने पर अमित भी अब अपने को भाग्यशाली अनुभव कर रहा था। 

दुल्हन के रूप में सजी मीनू आज साधारण पढ़ी मीनू नहीं, वरन् एक प्रसिद्ध वकील मीनू थी, जिसने 

आत्मविश्वास व लगन से विशेष ख्याति प्राप्त कर ली थी। 

आज वह अपनी मंजिल तक पहुँच चुकी थी, जिसकी उसे तलाश थी। 

'विशेष ख्याति' से क्या तात्पर्य है? 

Solution 52

'विशेष ख्याति' से यहाँ तात्पर्य मीनू के वकील बनने से है। मीनू ने अपनी लगन और परिश्रम के बलबूते पर अपना वकील बनने का लक्ष्य पूरा किया। 

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