NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 15b - Arun Kamal - Kushbu Rachte Hain Hath [Poem]

Chapter 15b - Arun Kamal - Kushbu Rachte Hain Hath Exercise प्रश्न-अभ्यास

Solution 1 - क

खुशबू रचते हाथ अपना जीवनयापन बड़ी ही निम्न परिस्तिथियों में करते हैं खुशबू रचनेवाले हाथ बदबूदार, तंग और नालों के पास रहते हैं इनका घर कूड़े-कर्कट और बदबू से भरे गंदे नालों के पास होता है यहाँ इतनी बदबू होती है कि सिर फट जाता है। ऐसी विषम परिस्तिथियों में खुशबू रचनेवाले हाथ रहते हैं  

Solution 1 - ख

कविता में निम्न प्रकार के हाथों की चर्चा हुई है - उभरी नसों वाले हाथ, पीपल के पत्ते से नए-नए हाथ, गंदे कटे-पिटे हाथ, घिसे नाखूनों वाले हाथ, जूही की डाल से खूशबूदार हाथ, जख्म से फटे हाथ आदि 

Solution 1 - ग

कवि ने ऐसा इसलिए कहा कि गंदगी में जीवन व्यतीत करनेवाले लोगों के हाथ खुशबूदार पदार्थों की रचना करते हैं। क्योंकि ये लोग स्वयं बदहाली और विषम परिस्थितियों में अपना जीवन बिताते हैं परन्तु दूसरों का जीवन खुशहाल बनाते हैं।

यहाँ पर कवि श्रमिकों की प्रशंसा नहीं करना चाहता है बल्कि वह यह कहना चाहता है कि हमें उनकी दशा सुधारने की बात सोचनी चाहिए। हमें भी अपना नैतिक कर्तव्य समझकर ऐसे मजदूर वर्ग के लिए कार्य करना चाहिए।

Solution 1 - घ

जहाँ अगरबत्तियाँ बनती है वहाँ का माहौल बड़ा ही गंदगी से भरा और प्रदूषित होता है। इनका घर कूड़े कर्कट, बदबूदार, तंग और बदबू से भरे गंदे नालों के पास होता है यहाँ इतनी बदबू होती है कि सिर फट जाता है। ऐसी विषम परिस्तिथियों में रहने के बाद भी ये दूसरों के जीवन में खुशबू बिखरने का काम करते हैं  

Solution 1 - ड.

इस कविता को लिखने का मुख्य उद्देश्य समाज के उपेक्षित मजदूर वर्ग की दयनीय दशा की ओर ध्यान आकर्षित करना है कवि का उद्देश्य यह है कि जो समाज हमारे लिए सुन्दर-सुन्दर वस्तुओं का निर्माण करती है वो स्वयं इस प्रकार का उपेक्षित जीवन जीने के लिए मजबूर क्यों है? इस कविता के द्वारा कवि श्रमिकों की इसी दयनीय दशा को सुधारना चाहता है। वह चाहता है कि इनके रहने की दशा को स्वास्थ्यप्रद बनाया जाए। इनके गली-मोहल्ले की उचित साफ़-सफ़ाई का प्रबंध किया जाए। साथ ही इन्हें इनके काम के लिए इतनी मज़दूरी तो मिलनी ही चाहिए जिससे वे ठीक प्रकार रह सकें। 

Solution 2 - क (i)

निम्न पंक्तियों के जरिए कवि ने हमारा ध्यान उन बच्चों और महिलाओं की ओर आकर्षित करना चाहा है जिनके हाथ पीपल के नए पत्तों और जूही की डाल के समान सुन्दर और खुशबूदार हैं परन्तु गरीबी के कारण ये अत्यंत श्रम करने के लिए मजबूर हैं

Solution 2 - क (ii)

कवि कहता है कि खुशबू रचने वाले हाथ अर्थात् अगरबत्ती बनाने वाले लोग स्वयं कितने गंदे और बदबूदार वातावरण में रहते हैं, इसकी कल्पना करना भी कठिन है। पर इस गंदगी में रहकर भी इनके हाथ में कमाल का जादू है ये खुशबूदार अगरबत्तियों को बनाते हैं। स्वयं बदहाल हैं लेकिन दूसरों के जीवन को महकाते हैं।

Solution 2 - ख

कवि ने इस कविता में गलियों, नालों, नाखूनों, गंदे हाथ, अगरबत्तियाँ, मुहल्लों, गंदे लोग' जैसे बहुवचन' शब्दों का प्रयोग किया है क्योंकि ऐसे लोग, स्थान, वस्तुएँ एक नहीं अनेकों होती हैं। ऐसे गरीब और उपेक्षित लोग अनेक स्थानों पर काम करते दिखाई देते हैं।  

Solution 2 - ग

कवि ने हाथों के लिए निम्नलिखित विशेषणों का प्रयोग किया है।

1. उभरी नसों वाले हाथ 

2. गंदे नाखूनों वाले हाथ  

3. पत्तों से नए हाथ 

4. खुशबूदार हाथ 

5. गंदे कटे पिटे हाथ 

6. फटे हुए हाथ 

7. खुशबू रचते हाथ