NCERT Solutions for Class 12-science Hindi Chapter 16 - Rajiya Sajjad Jaheer

As per your CBSE Class 12 Science Hindi syllabus, you have to study chapters from Aroh Bhag 2 and Vitan Bhag 2 to prepare for your exam. Although Physics, Chemistry, Biology, and Maths may be your focus subjects, you need to study Hindi well to get a good overall score for achieving your goal of getting a top rank.

You’ll find your CBSE Hindi syllabus topics to be interesting because it covers a broad spectrum of themes. There are chapters based on real life events and there are fictional stories which will teach you important life lessons. You’ll study the works of some of the notable writers in Hindi such as Mahadevi Verma, Tulsidas, B. R. Ambedkar, Raziya Sajjad Zaheer, Vishnu Khare, and others.

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Class 12 is an important year for CBSE students. Scoring top marks in the final exam can help you get admission in a desired college. You don’t have to stress about the scores, just prepare for the exam as much as you can by referring the Class 12 Science Hindi important notes such as sample paper solutions and NCERT solutions.

Many a time, students lose marks when they make spelling mistakes or miss out words that can lead to incorrect sentence formation. The chapter-wise NCERT solutions are important for revising the Hindi NCERT questions and answers through writing practise. With the NCERT notes, you can get comfortable in writing answers for questions form chapters such as Aroh bhag 2 Chapter 17 Hazari Prasad Dwivedi, Vitan Bhag 2 Chapter 1 Silver Wedding, and others.

Sample papers will further improve your Hindi skills to get you prepared for your board exam. While revising the answers, you’ll also grasp the meaning of the prose/poem and the writing style of writers covered in your Class 12 Hindi syllabus. So, sufficient practise of Class 12 solutions is essential to score top marks in Class 12 Hindi board examination.

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Chapter 16 - Rajiya Sajjad Jaheer Exercise प्रश्न-अभ्यास

Solution 1

सफ़िया के भाई ने नमक की पुड़िया ले जाने से निम्न कारणों से मना किया - 

1. हिन्दुस्तान में नमक की कोई कमी नहीं है। 

2. कस्टम के किसी अधिकारी ने पकड़ लिया तो वे सारे समान की चिंदी-चिंदी कर देते हैं और इससे देश का नाम भी बदनाम होता है। 

3. पाकिस्तान से नमक के आयत पर प्रतिबंध था। यह गैरकानूनी था। 

Solution 2

पाकिस्तानी कस्टम अधिकारी सफ़िया से कहता है कि मुहब्बत के आगे तो कस्टम भी लाचार है। मुहब्बत के सामने सारे कानून निष्प्रभावी हो जाते हैं। कस्टम अधिकारी स्वयं अपने हाथ से नमक की पुड़िया सफ़िया के बैग में रखते हुए उपर्युँक्त तर्क देता है।

Solution 3

सफ़िया की लाहौरी नमक वाली बात सुनकर भारतीय कस्टम अधिकारी भावुक हो उठा और उसे अपने वतन की याद आने लगी और इसी भावुकता में उसने उपर्युँक्त वाक्य कहा।

Solution 4

लाहौर की याद में सिख बीबी इतनी भावुक हो उठी कि उसकी आँखों से आँसू निकलकर उसके सफ़ेद मलमल के दुपट्टे पर टपक पड़े।

Solution 5

भारत लौटते समय सफ़िया अमृतसर के पुल पर चढ़ती हुई यह सोच रही है कि पाक कस्टम अफसर दिल्ली को तथा भारतीय कस्टम अफसर ढाका को अपना वतन बताता है जबकि ये दोनों ही अलग देशों में रहते हैं। इनका मन तो अपनी जन्मभूमि है पर कार्यक्षेत्र व निवास कहीं और जैसे कहीं कोई सामंजस्य नहीं है।

Solution 6

'नमक' कहानी में हिन्दुस्तान-पाकिस्तान में रहने वाले लोगों की भावनाओं, संवेदनाओं को उभारा गया है। आज के संदर्भ में स्थिति में काफी परिवर्तन हो चुका है विभाजन के समय वाली पीढ़ी अब समाप्त हो चुकी है अब उसका स्थान उस पीढ़ी ने ले लिया है जिसका जन्म इसी देश में हुआ है। उनके जेहन में विभाजन की कड़वी यादें न के बराबर है इसलिए अब भावनात्मक तौर पर दोनों देशों में लगाव पहले की तुलना में घट गया है परन्तु वर्तमान में भी देश के राजनैतिक संबंध, सांस्कृतिक संबंध, सियाचीन कश्मीर का मुद्दा आदि के तौर पर अभी दोनों देशों के बीच तनाव व्याप्त है। अभी भी संबंधों में मधुरता लाने के कई प्रयास किए जाने चाहिए।

Solution 7

सफ़िया की और मेरी मन:स्थिति में खास अंतर न होता मैं सीधे तौर पर अपनी भावनाएँ व्यक्त कर देता और सफ़िया की तरह ही मैं भी अपनी माँ के लिए लाहौरी नमक लाने का हरसंभव प्रयास करता।

Solution 8

भारत-पाकिस्तान के आपसी संबंधों को सुधारने के लिए व्यक्तिगत तौर पर मैं निम्न प्रयास करूँगा। 

1. पिछली सभी कड़वी बातों को भुलाने का प्रयास करूँगा। 

2. जहाँ तक हो सके मैं पाकिस्तान देश की आलोचना करने से अपने आप को रोकने का प्रयास करूँगा  

3. देश में आए पाकिस्तानी नागरिक को इतना मन-सम्मान दूँगा जिससे कि वह भारत देश की मीठी यादें लेकर अपने देश जाए। 

4. सांस्कृतिक और खेल कूद के स्तर पर आई वहाँ की टीमों का तहे दिल से स्वागत करूँगा। 

5. सूचना क्रांति के इस युग में इंटरनेट का प्रयोग कर पाकिस्तान में अपने दोस्तों का दायरा बढ़ाने का प्रयास करूँगा। 

Solution 9

प्रस्तुत पाठ में सीधे शब्दों में विवाह के कारण सफ़िया और सिख बीबी का विस्थापन नहीं दर्शाया गया है परंतु यह सच है कि स्त्रियों को अपने विवाह के कारण विस्थापन का दर्द झेलना पड़ता है।

Solution 10

रक्त संबंध, विज्ञान, साहित्य व कला इनमें से सबसे ताकतवर साहित्य व कला संबंध है। इसके जरिए हम दोनों देशों में उपजी कड़वाहट को कम कर सकते हैं क्योंकि साहित्य और कला का क्षेत्र विस्तृत होता है। साहित्यकार और कलाकार देश, धर्म, जाति, भाषा आदि के दायरे से ऊपर उठकर पूरी मानवता के बारे में सोचते हैं।

Solution 11

सौगात के तौर पर मैं अपने मित्र के लिए यहाँ की कुछ प्रसिद्ध नमकीन ,मिठाईयाँ, कलाकृति ,हस्तशिल्प आदि ले जाना पसंद करूँगा क्योंकि मैं इन वस्तुओं के जरिए अपनी भारत देश की उच्च संस्कृति से उसे परिचित करवाना चाहूँगा।

Solution 12

नमक की पुड़िया ले जाने के संबंध में सफ़िया के मन में यह द्वंद्व था कि प्यार के इस तोहफे नमक की पुड़िया को चोरी-छिपे ले जाए या कस्टम अधिकारियों को दिखाकर ले जाए।

Solution 13

जब सफ़िया अमृतसर पुल पर चढ़ रही थी तो कस्टम ऑफिसर निचली सीढ़ी के पास सिर झुकाए चुपचाप खड़े थे क्योंकि ऑफिसर सफ़िया की प्रेम-भावना से प्रभावित हो गए थे उन्हें महसूस हो रहा था कि आप कहीं भी क्यों न चले जाएँ अपना वतन फिर भी याद आता है और इस समय सिख बीबी का प्रसंग छिड़ने पर ऑफिसर को भी उसके वतन ढाका की याद आ गई थी।

Solution 14

ऑफिसर के उद्गार समाज के कटु यथार्थ को प्रस्तुत करते हैं कि देश की सीमाएँ मनों को विभाजित नहीं कर सकती हैं। राजनैतिक तौर पर भले ही हम विस्थापित हो जातें हैं परंतु भावनात्मक लगाव तो अपनी मातृभूमि से ही रहता है।

Solution 15

नमक ले जाने के बारे में सफ़िया के मन में उठे द्वंद्वों के आधार पर उसकी चारित्रिक विशेषताएँ निम्न हैं - 

  1. भावुक व मानवीय मूल्यों को सर्वोपरि मानने वाली-सफ़िया भावुक है। वह सिख बीबी की भावनाओं की कद्र करती है इसलिए वह किसी भी तरह उनके लिए लाहौरी नमक को भारत ले जाना चाहती है। उसने नमक लाने से बचने के लिए जरा भी नहीं सोचा। उसने तय किया कि वह प्रेम की इस भेंट को चोरी से नहीं ले जाएगी वह कस्टम अधिकारियों को अपनी मानवीय भावनाओं को समझाकर ले जाएगी। 
  2. ईमानदार-सफ़िया ईमानदार भी है जब सफ़िया को यह पता चलता है कि पाकिस्तान से भारत नमक ले जाना गैरकानूनी है उसने तय किया कि प्रेम की इस भेंट को वह चोरी से नहीं ले जाएगी। 
  3. दृढ़निश्चयी-सफ़िया का स्वभाव दृढ निश्चयी है। वह किसी भी कीमत पर लाहौरी नमक को भारत ले जाना चाहती है इसलिए वह सही गलत सभी तरीकों पर विचार करती है।  
  4. निडर-सफ़िया निडर भी है। यह जानते हुए भी कि नमक ले जाना गैरकानूनी है वह बिना झिझके कस्टम वालों के सामने नमक की वह पुड़िया रख देती है। 
  5. वायदे को निभाने वाली-सफ़िया सैयद है। सैयद होने के नाते वह अपने वायदे को किसी भी कीमत पर पूरा करना चाहती है। 
Solution 16

राजनीतिक कारणों से मानचित्र पर लकीर खींचकर देश को दो भागों में बाँटकर ज़मीन और जनता को अलग देश का दर्जा तो प्राप्त हो जाता है परंतु यह अलगाव जनता को भावनात्मक तौर पर अपने वतन से अलग नहीं कर पाता। पाकिस्तानी, भारतीय अधिकारी और सिख बीबी क्रमशः देहली, ढाका और लाहौर को ही आज भी अपना वतन मानते हैं। पुरानी यादें हर समय उन्हें घेरे रहती है। आज भी वे अपने वतन की सामान्य चीजों से उतना ही लगाव रखते हैं। इसी वजह से सिख बीबी 'नमक' जैसी साधारण चीज वहाँ से लाने की बात करती है इसलिए हम कह सकते हैं कि मानचित्र पर एक लकीर खींच देने भर से ज़मीन और जनता बँट नहीं जाती है।

Solution 17

भले ही राजनीतिक और धार्मिक आधार पर भारत और पाकिस्तान को भौगोलिक रूप से विभाजित कर दिया गया है लेकिन दोनों देशों के लोगों के हृदय में आज भी पारस्परिक भाईचारा, सौहार्द्र, स्नेह और सहानुभूति विद्यमान है। अमृतसर में रहने वाली सिख बीबी लाहौर को अपना वतन कहती है और लाहौरी नमक का स्वाद नहीं भुला पाती। पाकिस्तान का कस्टम अधिकारी नमक की पुड़िया सफ़िया को वापस देते हुए कहता है "जामा मस्जिद की सीढ़ियों को मेरा सलाम कहना।" भारतीय सीमा पर तैनात कस्टम अधिकारी ढाका की जमीन को और वहाँ के पानी के स्वाद को नहीं भूल पाता। अत:हम कह सकते हैं कि राजनीतिक तौर पर भले ही संबंध तनावपूर्ण हों पर सामाजिक तौर पर आज भी जनता के बीच मुहब्बत का नमकीन स्वाद घुला हुआ है।

Solution 18

सफ़िया के भाई पुलिस अफ़सर होने के कारण जब उन्होंने सफ़िया को यह बताया कि पाकिस्तान और भारत के बीच नमक का व्यापार प्रतिबंधित है तब लेखिका ने तर्क दिया कि क्या सब कानून हुकूमत के ही होते हैं, कुछ मुहब्बत, मुरौवत,आदमियत, इंसानियत के नहीं होते।

Solution 19

भावनाओं में अभिभूत होने के कारण सफ़िया अपने भाई से तर्क-वितर्क कर रही थी परंतु जब सफ़िया का गुस्सा उतर गया तब वह अपनी बुद्धि से नमक ले जाने के विषय में सोचने लगी।

Chapter 16 - Rajiya Sajjad Jaheer Exercise भाषा की बात

Solution 1

'क' वाक्य में 'ही' के प्रयोग से यह परिवर्तन आया है कि हमारा वतन तो लाहौर है, अन्य नहीं। भले ही भारत में कोठी बनाकर रह रहे हैं किंतु वतन लाहौर है।

'ख' वाक्य में 'ही' के प्रयोग से यह परिवर्तन आया कि हुकूमत के कानून से भी परे कुछ अन्य नियम होते हैं जिनकी महत्ता हुकूमत के कानून से भी अधिक है।

वाक्य  

  1. मुझे तो रसमलाई ही खानी है। 
  2. मुझे कानपूर ही जाना है  
  3. विद्यालय तो आपका ही अच्छा है। 
  4. उसकी कार काली ही है। 
  5. कन्या तो आपकी ही है।

वाक्य  

  1. क्या सब कानून आपके ही माने जाएँगे?  
  2. क्या सारा ज्ञान आज ही देंगे? 
  3. क्या आप मुझे विद्यालय से निकाल ही दोगे? 
  4. क्या फुटबॉल लड़कें ही खेलते हैं? 
  5. क्या रमेश राजनैतिक पत्रिका ही पढ़ता है?

 

Solution 2

शब्द 

हिन्दी रूप 

मुरौवत

इंसानियत  

आदमियत

मानवता  

अदीब

साहित्यकार  

साडा

हमारा  

मायने

अर्थ  

सरहद

सीमा  

अक्स

फोटो कॉपी  

लबोलहजा

बोलने का ढंग  

नफीस

सुरुचिपूर्ण  

 

Solution 3

1. यों ही हम घर से निकलने वाले थे कि रिश्तेदार आ गए। 

2. वह यों ही चला गया कि पता ही नहीं चला। 

3. रोहन यों आया कि खबर ही न हुई। 

4. भाई साहब ने यों ही बोल दिया कि कुछ काम नहीं किया। 

5. कुछ वर्ष यों ही बीत गए कि पता ही नहीं चला। 

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