Surdas ji ke krishna bhakti pe ek laghu lekh likhiye. 
 
 

Asked by neeraj | 29th May, 2015, 07:14: PM

Expert Answer:

संपूर्ण भारत में मध्ययुग में कई भक्त कवि और गायक हुए लेकिन सूरदास का नाम उन सभी कवि गायकों में  सर्वाधिक प्रसिद्ध और महान कवि के तौर पर लिया जाता है। जिन्होंने श्रीकृष्ण भक्ति में अपना सारा जीवन समर्पित कर दिया था। सूरदास की रचना महान कवियों के बीच अतुलनीय है। वे सच्चे कृष्ण भक्त, कवि थे जो सत्य का अन्वेषण कर उसे मूर्त रूप देने में समर्थ होते हैं।
सूरदास जी द्वारा लिखित पांच प्रमुख ग्रंथ बताए जाते हैं - सूरसागर, सूरसारावली, साहित्य-लहरी, नल-दमयंती और ब्याहलो।
सूर ने वात्सल्य, श्रृंगार और शांत रसों को मुख्य रूप से अपनाया है। सूर ने अपनी कल्पना और प्रतिभा के सहारे कृष्ण के बाल्य-रूप का अति सुंदर, सरस, सजीव और मनोवैज्ञानिक वर्णन किया है। बालकों की चपलता, स्पर्धा, अभिलाषा, आकांक्षा का वर्णन करने में विश्व व्यापी बाल-स्वरूप का चित्रण किया है।

Answered by Rajeshree Agotaria | 1st Jun, 2015, 10:39: AM

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