Can i get a long descriptive saransh, kendiye bhao and sandesh of mahayagya ka puraskar(Hindi)??

Asked by vishwajeetchoudhary19 | 23rd Aug, 2016, 04:22: PM

Expert Answer:

 
निम्न मुद्दों के  आधार पर आप अपना संदेश,केंद्रीय भाव तथा  सारांश लिखने का प्रयास करें।
 
संदेश : प्रस्तुत कहानी हमें नि: स्वार्थ भाव से कार्य करने की प्रेरणा देती है। साथ ही यह कहानी हमें प्राणी मात्र को भी उदारता से देखने का संदेश देती है। इस कहानी का सेठ बिना किसी फायदे और नुकसान के एक भूखे कुत्ते को अपना सारा भोजन खिला देता है। सेठ को इस नि: स्वार्थ कृत्य के लिए ईश्वर उसका फल देते हैं।
 
केंद्रीय भाव : सेठ ने बिना किसी स्वार्थ के एक भूखे कुत्ते को अपना भोजन खिला दिया।अत: परोपकारिता ,निस्वार्थता  ही इस कहानी का केंद्रीय भाव है। 
 
 
सारांश : प्रस्तुत कहानी में सेठ का दयालु होना, उन पर विपदा आना, मित्रों का साथ छोड़ना, पत्नी की सलाह पर यज्ञ बेचने जाना, रास्ते में भूखे कुत्ते को भोजन खिलाना,यज्ञ में सेठ से महायज्ञ माँगना, सेठ खाली हाथ लौट आना, सेठ और उसकी पत्नी को खजाना मिलना।
 

Answered by Beena Thapliyal | 24th Aug, 2016, 06:29: PM