NCERT Solutions for Class 11-science Hindi Chapter 1 - Lata Mangeshkar

Hindi can be an easy or difficult language for you to learn depending on how frequently you use the language. For CBSE Class 11 Science students, scoring good marks in the Hindi exam can be possible with sufficient practise of writing answers. On TopperLearning, our Hindi experts have written solutions for Hindi questions to support you in enhancing your writing skills.

On TopperLearning, you’ll find solutions for Aroh Bhag 1 and Vitan Bhag 1 of your Hindi syllabus. Once you complete the NCERT solutions, you can continue your revision by solving the Class 11 Science sample papers. Practise the solutions for the sample paper questions to ensure enough writing practise for your Hindi exam preparation.

While studying Hindi if you come across doubts, you can post it in our “Doubts and Solutions” section for seeking answers from experts. Also, you can benefit from reading the answers by experts to the doubts posted by other students on our portal. To score better marks in the Hindi subject, you need to learn to write well in Hindi. Therefore, we have got e-learning resources on TopperLearning to help you hone your Hindi writing skills for exam preparation.

Read  more

Chapter 1 - Lata Mangeshkar Exercise प्रश्न-अभ्यास

Solution 1

लेखक ने इस पाठ में गानपन का उल्लेख किया है। 'गानपन' का अर्थ है - गाने से मिलने वाली मिठास और मस्ती। जिस प्रकार मनुष्य कहलाने के लिए मनुष्यता के गुणधर्म का होना जरुरी है उसी प्रकार संगीत में भी गानपन आवश्यक है। लता मंगेशकर के गायन में यही गानपन है, जो शत-प्रतिशत है और यही उनकी लोकप्रियता का आधार है। 

गानपन को प्राप्त करने के लिए नादमय उच्चार करके गाने की अभ्यास की आवश्यकता होती है।

Solution 2

लताजी के गायन की निम्नांकित विशेषताओं की ओर लेखक ने पाठकों का ध्यान आकर्षित किया है - 

1. गानपन व सुरीलापन - वह मिठास जो श्रोता को मस्त कर देती है। 

2. स्वरों की निर्मलता - लता के गायन की एक मुख्य विशेषता उनके गायन की निर्मलता है। 

3. नादमय उच्चार - गीत के किन्हीं दो शब्दों का अंतर स्वरों के आलाप द्वारा सुंदर रीति से भर देना, जिससे वे दोनों शब्द विलीन होते-होते एक दूसरे में मिल जाते है।

4. उच्चारण की शुद्धता - लता के गाने में उच्चारण की शुद्धता पाई जाती है। 

Solution 3

एक संगीतज्ञ होने के कारण शायद कुमार गंधर्व सही भी हो सकते हैं परंतु मैं उनकी इस बात से सहमत नहीं हूँ क्योंकि उनके द्वारा 'ये मेरे वतन के लोगों' गाना इतने भाव पूर्ण और करुणता से गाया गया था कि वहाँ बैठे प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु की आँखों में पानी ले आया। इसी प्रकार उनके अन्य गीत जैसे 'रुदाली' फिल्म में गाया गीत 'दिल हूँ-हूँ करे' और 'ओ बाबुल प्यारे' भी कुछ इस तरह ही करुणता से गाए गए हैं। अत:यह कहना उचित नहीं है कि लता ने अपने करुण रस के गीतों के साथ न्याय नहीं किया।

Solution 4

संगीत में अपार संभावनाएँ छिपी हुई है यह क्षेत्र बहुत ही व्यापक और विस्तृत है। इसमें बहुत से राग, धुनें, ताल, यंत्र और स्वर अनछुए रह गए हैं, बहुत से सुधार होने अभी शेष हैं। अभी कई सारे नए प्रयोग होने बाकि हैं। वर्तमान फ़िल्मी संगीत को देखें तो हमें पता चलता है कि रोज नई धुनें, नए प्रयोग और नए स्वर सुनने को मिल रहें हैं आज शास्त्रीय संगीत के साथ लोकगीतों, प्रांतीय गीत, पाश्चात्य गीतों बड़े पैमाने पर अपनाया जा रहा है। आजकल हम कई लोकगीतों का पाश्चात्य संगीत में भी बड़ा अच्छा तालमेल देख रहें हैं। इस तरह हम देखें तो वर्तमान फ़िल्मी संगीत नित नवीन प्रयोग करने में लगा हुआ है।

Solution 5

कुमार गंधर्व इस आरोप से सहमत नहीं हैं कि चित्रपट संगीत ने लोगों के कान बिगाड़ दिए हैं। उनके अनुसार चित्रपट संगीत से संगीत में सुधार आया है। इसके कारण ही लोगों को इसके सुरीलेपन की समझ हो रही है। आज संगीत में लोगों की रूचि बढ़ रही है। आज सामान्य जन भी इसकी लय की सूक्ष्मता को समझ पा रहें हैं। 

चित्रपट संगीत संदर्भ में मेरे विचार कुछ अलग है। भले चित्रपट संगीत से संगीत में सुधार आया है परंतु वो बात केवल पुराने संगीत तक ही सिमट गई। पुराना संगीत जहाँ सुरीलापन, जुड़ाव लाता था वहीँ आज का संगीत कानफोडू, शोर से भरा और तनाव पैदा करने वाला बन गया है। गाने के बोलो में बेतुकी, अश्लील और अजीब सी तुकबंदी होती है। आज चित्रपट संगीत दौड़ती-भागती जिंदगी की तरह ही उबाऊ और नीरस होता जा रहा है।

Solution 6

कुमार गंधर्व के अनुसार शास्त्रीय एवं चित्रपट दोनों तरह के संगीतों के महत्त्व का आधार रंजकता होना चाहिए। इस बात का महत्त्व होना चाहिए कि रसिक को आनंद देने का सामर्थ्य किस गाने में कितना है? यदि शास्त्रीय गाने में रंजकता नहीं है तो वह बिल्कुल नीरस हो जाएगा। 

मैं भी लेखक के मत से पूरी तरह सहमत हूँ कि के एक अच्छे संगीत में मधुरता, गानपन और जुड़ाव होना चाहिए।

Loading...

Why CBSE Class 11 Science Hindi solutions are important?

Your latest Class 11 Science syllabus for Hindi subject introduces you to notable writings of Jawaharlal Nehru, Premchand, Mannu Bhandari, Satyajit Ray, and others. Read about stories of patriotism, poverty, selfishness, etc. Understand travel writing in Hindi with the textbook solutions for Krishna Nath’s “Spiti Mein Baarish”.

In CBSE Class 11 Science Hindi, you’ll come across the poems of Trilochan, Meera, Kabir, Nirmala Puttal, and others. Revise the poems by practising writing the NCERT solutions for Class 11 Aroh Bhag 1. Also, discover the wonderful world of singing including the singing of Lata Mangeshkar in our NCERT solutions for Class 11 Vitan Bhag 1.

NCERT textbook solutions are important for you because it covers exercises for all the chapters included in your Hindi Class 11 Science syllabus. You can gain the confidence to write your CBSE Class 11 Hindi exam by revising the chapters learned in your classroom with CBSE Class 11 Hindi solutions. So, begin your exam preps by practising the questions and answers from your Hindi NCERT Class 11 textbook.