Chapter 4 : Vah Janambhumi Meri [Poem] - Evergreen Publication Solutions for Class 10 Hindi ICSE

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Chapter 4 - Vah Janambhumi Meri [Poem] Excercise प्रश्न-अभ्यास

Question 1

निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

वह जन्मभूमि मेरी, वह मातृभूमि मेरी। 

ऊँचा खड़ा हिमालय आकाश चूमता है,

नीचे चरण तले झुक, नित सिंधु झूमता है। 

गंगा यमुना त्रिवेणी नदियाँ लहर रही हैं,

जगमग छटा निराली पग-पग छहर रही है। 

वह पुण्य भूमि मेरी, वह स्वर्ण भूमि मेरी। 

कवि किस भूमि की बात कर रहा है? 

Solution 1

कवि अपनी जन्मभूमि भारतमाता की बात कर रहा है।  

Question 2

निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

वह जन्मभूमि मेरी, वह मातृभूमि मेरी। 

ऊँचा खड़ा हिमालय आकाश चूमता है,

नीचे चरण तले झुक, नित सिंधु झूमता है। 

गंगा यमुना त्रिवेणी नदियाँ लहर रही हैं,

जगमग छटा निराली पग-पग छहर रही है। 

वह पुण्य भूमि मेरी, वह स्वर्ण भूमि मेरी। 

कवि ने हिमालय के बारे में क्या कहा है? 

Solution 2

कवि कहते है कि हिमालय इतना ऊँचा है मानो आसमान को चूम रहा है। वह हमारे भारत की रक्षा करता है। 

Question 3

निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

वह जन्मभूमि मेरी, वह मातृभूमि मेरी। 

ऊँचा खड़ा हिमालय आकाश चूमता है,

नीचे चरण तले झुक, नित सिंधु झूमता है। 

गंगा यमुना त्रिवेणी नदियाँ लहर रही हैं,

जगमग छटा निराली पग-पग छहर रही है। 

वह पुण्य भूमि मेरी, वह स्वर्ण भूमि मेरी। 

त्रिवेणी नदियों के नाम लिखिए। 

Solution 3

गंगा, यमुना और सरस्वती त्रिवेणी नदियाँ है। 

Question 4

निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

वह जन्मभूमि मेरी, वह मातृभूमि मेरी। 

ऊँचा खड़ा हिमालय आकाश चूमता है,

नीचे चरण तले झुक, नित सिंधु झूमता है। 

गंगा यमुना त्रिवेणी नदियाँ लहर रही हैं,

जगमग छटा निराली पग-पग छहर रही है। 

वह पुण्य भूमि मेरी, वह स्वर्ण भूमि मेरी। 

शब्दार्थ लिखिए : 

मातृभूमि, सिंधु, नित, पुण्य भूमि 

Solution 4

शब्द  

अर्थ 

मातृभूमि 

जन्म भूमि 

सिंधु 

समुद्र 

नित 

प्रतिदिन 

पुण्य भूमि 

पवित्र भूमि

 

Question 5

निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

वह जन्मभूमि मेरी, वह मातृभूमि मेरी। 

झरने अनेक झरते जिसकी पहाड़ियों में,

चिड़िया चहक रही हैं, हो मस्त झाड़ियों में। 

अमराइयाँ घनी हैं कोयल पुकारती है,

बहती मलय पवन है, तन मन सँवारती है। 

वह धर्मभूमि मेरी, वह कर्मभूमि मेरी। 

कवि ने भारत के लिए किन-किन विशेषणों का प्रयोग किया है? 

Solution 5

कवि ने भारत के लिए जन्मभूमि, मातृभूमि, धर्मभूमि तथा कर्मभूमि विशेषणों का प्रयोग किया है। 

Question 6

निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

वह जन्मभूमि मेरी, वह मातृभूमि मेरी। 

झरने अनेक झरते जिसकी पहाड़ियों में,

चिड़िया चहक रही हैं, हो मस्त झाड़ियों में। 

अमराइयाँ घनी हैं कोयल पुकारती है,

बहती मलय पवन है, तन मन सँवारती है। 

वह धर्मभूमि मेरी, वह कर्मभूमि मेरी। 

झरने कहाँ झरते हैं?  

Solution 6

झरने भारत माता की पवित्र पहाड़ियों पर झरते हैं। 

Question 7

निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

वह जन्मभूमि मेरी, वह मातृभूमि मेरी। 

झरने अनेक झरते जिसकी पहाड़ियों में, 

चिड़िया चहक रही हैं, हो मस्त झाड़ियों में। 

अमराइयाँ घनी हैं कोयल पुकारती है,

बहती मलय पवन है, तन मन सँवारती है। 

वह धर्मभूमि मेरी, वह कर्मभूमि मेरी। 

भारत की हवा कैसी है? उसका हम पर क्या प्रभाव होता है? 

Solution 7

भारत में बहने वाली हवा सुगंधित है। यह हमारे तन-मन को सँवारती है। 

Question 8

निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

वह जन्मभूमि मेरी, वह मातृभूमि मेरी। 

झरने अनेक झरते जिसकी पहाड़ियों में, 

चिड़िया चहक रही हैं, हो मस्त झाड़ियों में। 

अमराइयाँ घनी हैं कोयल पुकारती है,

बहती मलय पवन है, तन मन सँवारती है। 

वह धर्मभूमि मेरी, वह कर्मभूमि मेरी। 

शब्दार्थ लिखिए : 

अमराइयाँ, मलय, पवन  

Solution 8

शब्द 

अर्थ 

अमराइयाँ 

आम के पेड़ों के बाग  

मलय 

पर्वत का नाम  

पवन 

हवा  

 

Question 9

निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

वह जन्मभूमि मेरी वह मातृभूमि मेरी। 

जन्मे जहाँ थे रघुपति, जन्मी जहाँ थी सीता,

श्रीकृष्ण ने सुनाई, वंशी पुनीत गीता। 

गौतम ने जन्म लेकर, जिसका सुयश बढ़ाया,

जग को दया सिखाई, जग को दिया दिखाया। 

वह युद्ध-भूमि मेरी, वह बुद्ध-भूमि मेरी। 

वह मातृभूमि मेरी, वह जन्मभूमि मेरी। 

कवि भारत की भूमि को पावन क्यों मानते हैं? 

Solution 9

कवि भारत की भूमि को पावन मानते हैं क्योंकि यहाँ राम, सीता, श्रीकृष्ण तथा गौतम जैसे महान अवतार अवतरित हुए थे। 

Question 10

निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

वह जन्मभूमि मेरी वह मातृभूमि मेरी। 

जन्मे जहाँ थे रघुपति, जन्मी जहाँ थी सीता,

श्रीकृष्ण ने सुनाई, वंशी पुनीत गीता। 

गौतम ने जन्म लेकर, जिसका सुयश बढ़ाया,

जग को दया सिखाई, जग को दिया दिखाया। 

वह युद्ध-भूमि मेरी, वह बुद्ध-भूमि मेरी। 

वह मातृभूमि मेरी, वह जन्मभूमि मेरी। 

गौतम कौन थे? उन्होंने क्या उपदेश दिया था? 

Solution 10

गौतम बौद्ध धर्म चलाने वाले महापुरुष थे। उन्होंने जीवों पर दया रखने का उपदेश दिया। 

Question 11

निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

वह जन्मभूमि मेरी वह मातृभूमि मेरी। 

जन्मे जहाँ थे रघुपति, जन्मी जहाँ थी सीता, 

श्रीकृष्ण ने सुनाई, वंशी पुनीत गीता। 

गौतम ने जन्म लेकर, जिसका सुयश बढ़ाया,

जग को दया सिखाई, जग को दिया दिखाया। 

वह युद्ध-भूमि मेरी, वह बुद्ध-भूमि मेरी। 

वह मातृभूमि मेरी, वह जन्मभूमि मेरी। 

'श्रीकृष्ण ने सुनाई, वंशी पुनीत गीता' - पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए। 

Solution 11

उपर्युक्त पंक्ति का आशय यह है कि यह वहीं पवन भारत भूमि है जहाँ भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लिया था। गोकुल और मथुरा की गोपियों को अपनी मुरली की धुन से मोहित कर दिया था तथा कुरुक्षेत्र के युद्ध में अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। 

Question 12

निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

वह जन्मभूमि मेरी वह मातृभूमि मेरी। 

जन्मे जहाँ थे रघुपति, जन्मी जहाँ थी सीता,

श्रीकृष्ण ने सुनाई, वंशी पुनीत गीता। 

गौतम ने जन्म लेकर, जिसका सुयश बढ़ाया,

जग को दया सिखाई, जग को दिया दिखाया। 

वह युद्ध-भूमि मेरी, वह बुद्ध-भूमि मेरी। 

वह मातृभूमि मेरी, वह जन्मभूमि मेरी। 

शब्दार्थ लिखिए : 

रघुपति, वंशी, पुनीत, जंग  

Solution 12

शब्द 

अर्थ 

रघुपति 

भगवान श्री राम  

वंशी 

बांसुरी  

पुनीत 

पवित्र  

जंग 

संसार  

 

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