Chapter 6 : Bade Ghar Ki Beti - Evergreen Publication Solutions for Class 10 Hindi ICSE

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Chapter 6 - Bade Ghar Ki Beti Excercise प्रश्न-अभ्यास

Question 1

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :

यह इसलिए नहीं कि उसे अपने सास-ससुर, देवर या जेठ आदि से घृणा थी बल्कि उसका विचार था कि यदि बहुत कुछ सहने पर भी परिवार के साथ निर्वाह न हो सके तो आए दिन के कलह से जीवन को नष्ट करने की अपेक्षा अच्छा है कि अपनी खिचड़ी अलग पकाई जाय। 

बेनी माधव के कितने पुत्र थे उनका परिचय दें।

Solution 1

बेनी माधव के दो बेटे थे बड़े का नाम श्रीकंठ था। उसने बहुत दिनों के परिश्रम और उद्योग के बाद बी.ए. की डिग्री प्राप्त की थी और इस समय वह एक दफ़्तर में नौकर था। छोटा लड़का लाल बिहारी सिंह दोहरे बदन का सजीला जवान था। 

Question 2

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

यह इसलिए नहीं कि उसे अपने सास-ससुर, देवर या जेठ आदि से घृणा थी बल्कि उसका विचार था कि यदि बहुत कुछ सहने पर भी परिवार के साथ निर्वाह न हो सके तो आए दिन के कलह से जीवन को नष्ट करने की अपेक्षा अच्छा है कि अपनी खिचड़ी अलग पकाई जाय। 

श्रीकंठ कैसे विचारों के व्यक्ति थे? 

Solution 2

श्रीकंठ बी.ए. इस अंग्रेजी डिग्री के अधिपति होने पर भी पाश्चात्य सामजिक प्रथाओं के विशेष प्रेमी न थे, बल्कि वे बहुधा बड़े जोर से उसकी निंदा और तिरस्कार किया करते थे। वे प्राचीन सभ्यता का गुणगान उनकी प्रकृति का प्रधान अंग था। सम्मिलित कुंटुब के तो वे एक मात्र उपासक थे। आजकल स्त्रियों में मिलजुलकर रहने में जो अरुचि थी श्रीकंठ उसे जाति और समाज के लिए हानिकारक समझते थे। 

Question 3

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

यह इसलिए नहीं कि उसे अपने सास-ससुर, देवर या जेठ आदि से घृणा थी बल्कि उसका विचार था कि यदि बहुत कुछ सहने पर भी परिवार के साथ निर्वाह न हो सके तो आए दिन के कलह से जीवन को नष्ट करने की अपेक्षा अच्छा है कि अपनी खिचड़ी अलग पकाई जाय। 

गाँव की स्त्रियाँ श्रीकंठ की निंदक क्यों थीं? 

Solution 3

श्रीकंठ स्त्रियों में मिलजुलकर रहने में जो अरुचि थी उसे जाति और समाज के लिए हानिकारक समझते थे। वे प्राचीन सभ्यता का गुणगान और सम्मिलित कुंटुब के उपासक थे। इसलिए गाँव की स्त्रियाँ श्रीकंठ की निंदक थीं। कोई-कोई तो उन्हें अपना शत्रु समझने में भी संकोच नहीं करती थीं। 

Question 4

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

यह इसलिए नहीं कि उसे अपने सास-ससुर,देवर या जेठ आदि से घृणा थी बल्कि उसका विचार था कि यदि बहुत कुछ सहने पर भी परिवार के साथ निर्वाह न हो सके तो आए दिन के कलह से जीवन को नष्ट करने की अपेक्षा अच्छा है कि अपनी खिचड़ी अलग पकाई जाय। 

आनंदी की सम्मिलित कुंटुब के बारे में राय अपने पति से अलग क्यों थी? 

Solution 4

आनंदी स्वभाव से बड़ी अच्छी स्त्री थी। वह घर के सभी लोगों का सम्मान और आदर करती थी परंतु उसकी राय संयुक्त परिवार के बारे में अपने पति से ज़रा अलग थी। उसके अनुसार यदि बहुत कुछ समझौता करने पर भी परिवार के साथ निर्वाह करना मुश्किल हो तो अलग हो जाना ही बेहतर है। 

Question 5

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

"लालबिहारी को भावज की यह ढिठाई बुरी मालूम हुई तिनकर बोला मैके में तो जैसे घी की नदियाँ बहती हो। स्त्रियाँ गालियाँ सह लेती है, मार भी सह लेती है, पर उससे मैके की निंदा नहीं सही जाती।" 

आनंदी और उसके देवर के बीच झगड़े का क्या कारण था? 

Solution 5

आनंदी ने सारा पावभर घी मांस पकाने में उपयोग कर दिया था जिसके कारण दाल में घी नहीं था। दाल में घी का न होना ही उनके झगड़े का कारण था। 

Question 6

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

"लालबिहारी को भावज की यह ढिठाई बुरी मालूम हुई तिनकर बोला मैके में तो जैसे घी की नदियाँ बहती हो। स्त्रियाँ गालियाँ सह लेती है, मार भी सह लेती है, पर उससे मैके की निंदा नहीं सही जाती।" 

लालबिहारी के किस कथन से आनंदी को दुःख पहुँचा और क्यों? 

Solution 6

घी की बात को लेकर लालबिहारी ने अपनी भाभी को ताना मार दिया कि जैसे उनके मायके में घी को नदियाँ बहती हैं और यही आनंदी के दुःख का कारण था क्योंकि आनंदी बड़े घर की बेटी थी उसके यहाँ किसी भी चीज की कोई कमी नहीं थी। 

Question 7

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

"लालबिहारी को भावज की यह ढिठाई बुरी मालूम हुई तिनकर बोला मैके में तो जैसे घी की नदियाँ बहती हो। स्त्रियाँ गालियाँ सह लेती है, मार भी सह लेती है, पर उससे मैके की निंदा नहीं सही जाती।" 

उपर्युक्त संवाद का प्रसंग स्पष्ट कीजिए? 

Solution 7

आनंदी बड़े घर की बेटी होने के कारण किफायत नहीं जानती थी इसलिए आनंदी ने हांडी का सारा घी मांस पकाने में उपयोग कर दिया जिसके कारण दाल में डालने के लिए घी नहीं बचा और इसी कारणवश देवर और भाभी में झगडा हो जाता है। 

Question 8

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

"लालबिहारी को भावज की यह ढिठाई बुरी मालूम हुई तिनकर बोला मैके में तो जैसे घी की नदियाँ बहती हो। स्त्रियाँ गालियाँ सह लेती है, मार भी सह लेती है,पर उससे मैके की निंदा नहीं सही जाती।" 

स्त्रियाँ गालियाँ सह लेती है, मार भी सह लेती है, पर उससे मैके की निंदा नहीं सही जाती से क्या तात्पर्य है? 

Solution 8

उपर्युक्त संवाद से तात्पर्य स्त्री आत्मगौरव से है।  भले ही स्त्रियों की शादी हो जाए, काम के सिलसिले में उन्हें दूसरे शहर और घर में रहना पड़े, सफलता के शिखर को छू लें परंतु मायका ऐसा संवेदनशील विषय है जिसे स्त्री कभी भी छोड़ नहीं पाती है। वे सब कुछ सह लेगी लेकिन कभी भी अपने माता-पिता और मायके की बुराई नहीं सुन सकती। 

Question 9

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

इलाहबाद का अनुभव रहित झल्लाया हुआ ग्रेजुएट इस बात को न समझ सका। उसे डिबेटिंग - क्लब में अपनी बात पर अड़ने की आदत थी, इन हथकंडों की उसे क्या खबर? 

यहाँ पर इलाहबाद का अनुभव रहित झल्लाया हुआ ग्रेजुएट किसे संबोधित किया जा रहा है और वह क्या नहीं समझ पा रहा था?

Solution 9

यहाँ पर बेनी माधव सिंह के के बड़े पुत्र श्रीकंठ को अनुभव रहित झल्लाया हुआ ग्रेजुएट संबोधित किया जा रहा है। 

श्रीकंठ अपनी पत्नी की शिकायत पर अपने पिता के सामने घर से अलग हो जाने का प्रस्ताव रखता है। जिस समय वह ये बातें करता है वहाँ पर गाँव के अन्य लोग भी उपस्थित होते हैं। बेनी माधव अनुभवी होने के कारण घर के मामलों को घर में ही सुलझाना चाहते थे और यही बात श्रीकंठ को समझ नहीं आ रही थी। पिता के समझाने पर भी वह लोगों के सामने घर से अलग होने की बात दोहरा रहा था। 

Question 10

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

इलाहबाद का अनुभव रहित झल्लाया हुआ ग्रेजुएट इस बात को न समझ सका। उसे डिबेटिंग - क्लब में अपनी बात पर अड़ने की आदत थी, इन हथकंडों की उसे क्या खबर? 

बेनी माधव सिंह ने अपने बेटे का क्रोध शांत करने के लिए क्या किया? 

Solution 10

अनुभवी बेनी माधव सिंह ने अपने बेटे का क्रोध शांत करने के लिए कहा कि वे उसकी बातों से सहमत है श्रीकंठ जो चाहे कर सकते हैं क्योंकि उनके छोटे बेटे से अपराध तो हो ही गया है साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बुद्धिमान लोग मूर्खों की बात पर ध्यान नहीं देते। लालबिहारी बेसमझ लड़का है उससे जो भी भूल हुई है उसे श्रीकंठ बड़ा होने के नाते माफ़ कर दे। 

Question 11

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

इलाहबाद का अनुभव रहित झल्लाया हुआ ग्रेजुएट इस बात को न समझ सका। उसे डिबेटिंग - क्लब में अपनी बात पर अड़ने की आदत थी, इन हथकंडों की उसे क्या खबर? 

गाँव के लोग बेनी माधव सिंह के घर आकर क्यों बैठ गए थे? 

Solution 11

गाँव में कुछ कुटिल मनुष्य ऐसे भी थे जो बेनी माधव सिंह के संयुक्त परिवार और परिवार की नीतिपूर्ण गति से जलते थे उन्हें जब पता चला कि अपनी पत्नी की खातिर श्रीकंठ अपने पिता से लड़ने चला है तो कोई हुक्का पीने, कोई लगान की रसीद दिखाने के बहाने बेनी माधव सिंह के घर जमा होने लगे। 

Question 12

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

इलाहबाद का अनुभव रहित झल्लाया हुआ ग्रेजुएट इस बात को न समझ सका। उसे डिबेटिंग - क्लब में अपनी बात पर अड़ने की आदत थी, इन हथकंडों की उसे क्या खबर? 

उपर्युक्त कथन का संदर्भ स्पष्ट करें। 

Solution 12

श्रीकंठ क्रोधित होने के कारण अपने पिता से सबके सामने लड़ पड़ते हैं। पिता नहीं चाहते थे कि घर की बात बाहर वालों को पता चले परंतु श्रीकंठ अनुभवी पिता की बातें नहीं समझ पाता और लोगों के सामने ही पिता से बहस करने लगता है। उपर्युक्त कथन श्रीकंठ की इसी नासमझी को बताने के लिया कहा गया है। 

Question 13

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

बेनी माधव बाहर से आ रहे थे। दोनों भाईयों को गले मिलते देखकर आनंद से पुलकित हो गए और बोल उठे, बड़े घर की बेटियाँ ऐसी ही होती हैं। बिगड़ता हुआ काम बना लेती हैं।" 

आनंदी की शिकायत का क्या परिणाम हुआ? 

Solution 13

आनंदी का अपने देवर के साथ दाल में घी न डालने पर झगड़ा हो गया था और गुस्से में उसके देवर ने आनंदी पर खड़ाऊँ फेंककर दे मारी थी। आनंदी ने इस बात की शिकायत जब अपने पति श्रीकंठ से की तो वह गुस्से से आग-बबूला हो गया और पिता के सामने जाकर घर से अलग होने की बात कह डाली। 

Question 14

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

बेनी माधव बाहर से आ रहे थे। दोनों भाईयों को गले मिलते देखकर आनंद से पुलकित हो गए और बोल उठे, बड़े घर की बेटियाँ ऐसी ही होती हैं। बिगड़ता हुआ काम बना लेती हैं।" 

आनंदी को अपनी बात का पछतावा क्यों हुआ? 

Solution 14

आनंदी ने गुस्से में आकर अपने पति से शिकायत तो कर दी परंतु दयालु व संस्कारी स्वभाव की होने के कारण मन-ही-मन अपनी बात पर पछताने भी लगती है कि क्यों उसने अपने पर काबू नहीं रखा और व्यर्थ में घर में इतना बड़ा उपद्रव खड़ा कर दिया। 

Question 15

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

बेनी माधव बाहर से आ रहे थे। दोनों भाईयों को गले मिलते देखकर आनंद से पुलकित हो गए और बोल उठे, बड़े घर की बेटियाँ ऐसी ही होती हैं। बिगड़ता हुआ काम बना लेती हैं।" 

बेनी माधव ने ने आनंदी को बड़े घर की बेटी क्यों कहा? 

Solution 15

आनंदी का देवर जब घर छोड़कर जाने लगा तो स्वयं आनंदी ने आगे बढ़कर अपने देवर को रोक लिया और अपने किए पर पश्चाताप करने लगी। आनंदी ने अपने अपमान को भूलकर दोनों भाईयों में सुलह करवा दी थी। अत: बिगड़े हुए काम को बना देने के कारण बेनी माधव ने आनंदी को बड़े घर की बेटी कहा।

Question 16

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 

बेनी माधव बाहर से आ रहे थे। दोनों भाईयों को गले मिलते देखकर आनंद से पुलकित हो गए और बोल उठे, बड़े घर की बेटियाँ ऐसी ही होती हैं। बिगड़ता हुआ काम बना लेती हैं।" 

'बड़े घर की बेटी' कहानी का उद्देश्य स्पष्ट करें। 

Solution 16

इस काहनी के माध्यम से लेखक ने स्पष्ट किया है कि किसी भी घर में पारिवारिक शांति और सामंजस्य बनाए रखने में घर की स्त्रियों की अहम् भूमिका होती है। घर की स्त्रियों अपनी समझदारी से टूटते और बिखरते परिवारों को भी जोड़ सकती है। साथ की लेखक ने संयुक्त परिवारों की उपयोगिता को भी इस कहानी के माध्यम से सिद्ध किया है।  

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