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I want to understand chapter 6 of sahitya sagar book ise prescribed for class 9th and 10th. I also want to know the whole meaning of poem 3 swarg bana sakte hain in same book.

Asked by HIMANSHU 2nd March 2017, 5:38 PM
Answered by Expert
Answer:

कृपया एक समय पर एक ही प्रश्न पूछे ।  

 

“स्वर्ग बना सकते हैं”-

प्रस्तुत कविता दिनकर जी की प्रसिद्ध रचना ‘कुरुक्षेत्र’ से लिया गया है। महाभारत युद्ध के उपरांत धर्मराज युधिष्ठिर भीष्म पितामह के पास जाते हैं। वहाँ भीष्म पितामह उन्हें उपदेश देते हैं ।

कवि का मानना है कि धरती पर सुख के इतने साधन मौजूद हैं कि उनसे सभी मनुष्यों की आवश्यकताएँ पूर्ण हो सकती हैं। और धरती पर मौजूद समस्त संसधानों पर सम्पूर्ण मानव-जाति का अधिकार है और उसे अपने विकास के लिए उनके उपयोग की स्वतंत्रता प्राप्त होनी चाहिए किन्तु कुछ स्वार्थी मनुष्यों ने लोभवश उन पर अधिकार जमाना शुरू कर दिया है और समाज में भेद-भाव को जन्म दिया है जिससे संघर्ष की सृष्टि हो रही है।

इस प्रकार कवि इस कविता के माध्यम से कवि भारत देश की सामाजिक दशा, उसके विकास में उपस्थित बाधाओं और उसमें परिवर्तन कर उसे स्वर्ग समान बनाने की बात करते हैं।

Answered by Expert 2nd March 2017, 6:31 PM
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