what is the conclusion for the chapter mahabharth in ekanki sanchay?
 

Asked by rajat.rithyu | 19th May, 2016, 10:35: PM

Expert Answer:

हम आपके प्रश्न का उत्तर 'महाभारत की एक साँझ' एकांकी के आधार पर दे रहे हैं। Paryavaran Sanrakshan aur Mahila Sashaktikaran टॉपिक के आधार पर नहीं। अगर आपको कुछ संदेह हैं तो कृपया स्पष्ट कीजिए।

प्रस्तुत एकांकी का निष्कर्ष –
आप चाहे कितने भी कूटनीतिज्ञ, बलवान और बुद्धिमान क्यों न हो परंतु यदि आप का रास्ता धर्म का नहीं है तो आपका अंत होना निश्चित है।साथ यह एकांकी मनुष्य को त्याग और सहनशीलता का पाठ भी पढ़ाती है। यही वे दो मुख्य कारण थे जिसके अभाव में महाभारत का युद्ध लड़ा गया। इसके अतिरिक्त इस एकांकी का एक और उद्देश्य यह भी दिखाना था कि इस युद्ध के लिए कौरव और पांडव दोनों ही पक्ष बराबर जिम्मेदार थे।
महाभारत का युद्ध तो शुरू से लेकर अंत तक सीखों से ही भरा पड़ा हैं परंतु मुख्य रूप से यह युद्ध हमें यह सीख देता है कि कभी भी पारिवारिक धन-संपत्ति के लिए अपने ही भाईयों से ईर्ष्या और वैमनस्य नहीं रखना चाहिए क्योंकि इस प्रकार के लड़ाई-झगड़े में जीत कर भी हार ही होती है।

Answered by Rajeshree Agotaria | 20th May, 2016, 08:48: AM

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