Respected sir/mam,
Please tell me the meaning of third poem of dev that is kavitt given in hindi ncert.

Asked by nimishagupta0409 | 13th Sep, 2015, 10:45: PM

Expert Answer:

फटकि सिलानि सौं सुधारयों सुधा मंदिर...

'प्यारी राधिका को प्रतिबिंब सो लगत चंद'

आकाश को देखकर ऐसा लगता है मानो स्फटिक की उजली चमकदार शिलाओं से एक चाँदनी महल बनाया गया हो। उसमें श्वेत दही के समान चाँदनी की शोभा अधिक गति से उमड़ रही हो। सारा महल पारदर्शी है। मंदिर के आँगन में दूध के झाग के समान चाँदनी का विशाल फ़र्श बना हुआ है। इस फ़र्श पर खड़ी राधा की सखियाँ अपने सौंदर्य से जगमगा रही है। शुभ्र चाँदनी के कारण आकाश भी दर्पण की तरह स्वच्छ और उजला लग रहा है चन्द्रमा सौन्दर्य का श्रेष्ठतम उदाहरण है परन्तु कवि ने राधिका की सुन्दरता को चाँद की सुन्दरता से श्रेष्ठ दर्शाया है तथा चाँद के सौन्दर्य को राधिका का प्रतिबिम्ब मात्र बताया है।कवि कहना चाहते हैं कि राधिका की सुंदरता और उज्ज्वलता अपरंपार है।

Answered by Beena Thapliyal | 14th Sep, 2015, 09:35: AM

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