Nimnalikith prashno ke uttar dijiye :
¡) kavi ne Kaisi vani ka prayog karne ke liye kaha hai? 
¡) kabir Pandit kise manthe hain? 

Asked by pdcavita | 24th Nov, 2017, 04:18: PM

Expert Answer:

1. मीठी वाणी का प्रभाव चमत्कारिक होता है। मीठी वाणी जीवन में आत्मिक सुख व शांति प्रदान करती है। मीठी वाणी  मन से क्रोध और घृणा के भाव नष्ट कर देती  है। इसके साथ ही हमारा अंत:करण भी प्रसन्न हो जाता है। प्रभाव स्वरुप औरों को सुख और शीतलता प्राप्त होती है। मीठी वाणी के प्रभाव से मन में स्थित शत्रुता, कटुता व आपसी ईर्ष्या-द्वेष के भाव समाप्त हो जाते हैं। 
2. कवि इस पंक्ति द्वारा शास्त्रीय ज्ञान की अपेक्षा भक्ति व प्रेम की श्रेष्ठता को प्रतिपादित करना चाहते हैं। ईश्वर को पाने के लिए एक अक्षर प्रेम का अर्थात् ईश्वर को पढ़ लेना ही पर्याप्त है। बड़े-बड़े पोथे या ग्रन्थ पढ़ कर भी हर कोई पंडित नहीं बन जाता। केवल परमात्मा का नाम स्मरण करने से ही सच्चा ज्ञानी बना जा सकता है। इसके लिए मन को सांसारिक मोह-माया से हटा कर ईश्वर भक्ति में लगाना पड़ता है। 

Answered by Beena Thapliyal | 25th Nov, 2017, 12:47: PM

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