I want a brief essay on "pustake gyan ka bandar hoti hai tatha humari sachhi mitr hoti hai" 

Asked by Pratyush Singh | 21st Jun, 2017, 10:17: AM

Expert Answer:

पुस्तक ज्ञान का अकूत भंडार ही नहीं हमारे सच्चे मित्र भी हैं। पुस्तक के बगैर ज्ञान की कल्पना नहीं की जा सकती है। पुस्तकें तो सर्वत्र सहजता से उपलब्ध हो जाती हैं। ज्ञान का महत्त्वपूर्ण स्रोत हैं- पुस्तकें। आज संसार की प्राचीनतम पुस्तकें भी हमें उपलब्ध हैं। प्रत्येक भाषा में विपुल साहित्य उपलब्ध है। प्रत्येक मनुष्य अपनी क्षमता के अनुसार अध्ययन करके अपने ज्ञान क्षितिज का विस्तार कर सकता है।हाल ही मैं मैंने बेबी हालदार की जीवनी पढ़ी कि किस तरह अपने पति के अत्याचारों से तंग आकर वह अपना घर अपने नन्हें-नन्हें बच्चों के साथ छोड़ देती है और घरेलु नौकरानी बन जाती है। अलग हो जाने के बाद अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष, बच्चों का पालन-पोषण वह कैसे करती है। वहीँ एक घर में काम करने पर उसे घर के मालिक उसे हर प्रकार की सहायता देते हैं और लिखने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्हीं के कारण दिन- भर काम में जुटी रहने के बावजूद जितना भी समय उसे मिलता वह अपने बचपन से लेकर वर्तमान तक कि बातों का लेखा-जोखा लिखती रहती। बेबी हालदार की कहानी अपने आप में एक मिसाल है कि मनुष्य चाहे तो क्या नहीं कर सकता। बेबी हालदार के जीवन में कई कठिनाइयाँ आईं पर उसने अपने जीवन से हार नहीं मानी और सारी जिम्मेदारियों को पूरा करते हुए एक सफल लेखिका भी बनी। 

Answered by Beena Thapliyal | 21st Jun, 2017, 01:36: PM

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