Dahej pratha -ek aatank
Write a detailed and touching essay on it within 300 words

Asked by saketagarwal.dbl | 3rd Dec, 2016, 10:16: PM

Expert Answer:

आप अपना निबंध निम्न मुद्दों  के आधार पर लिखने का प्रयास करें ...

दहेज प्रथा की शुरुवात ... दहेज-प्रथा का उद्भव कब और कहाँ हुआ यह कह पाना असंभव है। विश्व के विभिन्न सभ्यताओं में दहेज लेने और देने के पुख्ता प्रमाण मिलते हैं। भारत में दहेज एक पुरानी प्रथा है । मनुस्मृति मे ऐसा उल्लेख आता है कि माता-कन्या के विवाह के समय धन-सम्पत्ति, गउवें आदि कन्या को देकर वर को समर्पित करे...

वर्तमान में दहेज प्रथा ... समय बीतता चला गया स्वेच्छा से कन्या को दिया जाने वाला धन धीरे-धीरे वरपक्ष का अधिकार बनने लगा और वरपक्ष के लोग तो वर्तमान समय में इसे अपना जन्मसिद्ध अधिकार ही मान बैठे हैं ...

दहेज के नाम पर स्त्रियों पर होने वाला अत्याचार ... दहेज के लालच में बहुओं को परेशान किया जाता है। माँग पूरी न होने पर वधु को बेतहाशा मारना-पीटना, उसका अंग भंग कर देना आज शिक्षित, सभ्य समाज में भी बेरहमी से चलता है...

 

दहेज प्रथा को रोकने के उपाय ... आज हमारी सरकारों द्वारा लड़कियों के उत्थान व विकास के लिए अनेक योजनाएँ चला रही हैं, जिनमें शिक्षा, रोजगार सहित विवाहोपरांत मदद भी शामिल है। यह सब इसलिए ताकि बेटियों के परिवारों को बेटियाँ बोझ न लगें और लड़कियाँ आत्मनिर्भर हो सकें। दहेज लेना और देना तो कानूनन अपराध है। सरकार ने दहेज प्रथा के विरूद्ध कानून बना दिया है लेकिन कानून बेचारा क्या करे, जब कोई शिकायत करने वाला ही न हो। लड़की का पिता अपनी इज़्ज़त के डर से शिकायत नहीं करता, अन्य लोगों को क्या गरज! दहेज-प्रथा को मिटाना तभी संभव होगा जब आज की युवा पीढ़ी यह प्रण करें कि वे दहेज से परहेज करेंगे।

 

Answered by Beena Thapliyal | 5th Dec, 2016, 08:54: AM

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