1.bihari sanyog shringar k kavi hone k sath sath niti vishyak dohe k liye sidh h udharan sahit kijiye.
2.afsar k anusar vyvhharikta ka sahara lena uchit h sapasht kijiye.

Asked by anjnasidana | 21st Oct, 2015, 03:38: PM

Expert Answer:

 

रीति काल के कवियों में बिहारी प्रायः सर्वोपरि माने जाते हैं। बिहारी सतसई उनकी प्रमुख रचना हैं। इसमें 713  दोहे हैं। किसी ने इन दोहों के बारे में कहा हैः

सतसइया के दोहरा ज्यों नावक के तीर।

देखन में छोटे लगैं घाव करैं गम्भीर।।

(नावक = एक प्रकार के पुराने समय का तीर निर्माता जिसके तीर देखने में बहुत छोटे परन्तु बहुत तीखे होते थे} , दोहरा = दोहा)

बिहारी मूलतः श्रृंगारी कवि हैं। उनकी भक्ति-भावना राधा-कृष्ण के प्रति है और वह जहाँ तहाँ प्रकट हुई है। परंतु बिहारी ने नीति पर भी दोहे लिखें है

 जैसेः

कोटि जतन कोऊ करै, परै न प्रकृतिहिं बीच।

नल बल जल ऊँचो चढ़ै, तऊ नीच को नीच।।

अत:हम कह सकते हैं कि बिहारी नीति विषयक दोहों में भी कुशल थे ।



Answered by Beena Thapliyal | 21st Oct, 2015, 07:00: PM

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